Sunday, March 8, 2026
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पेप्सिको पर गुजरात के किसान पड़े भारी, कंपनी ने सभी केस लिए वापस


गुजरात। शीतल पेय और चिप्स जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनी पेप्सिको पर गुजरात के किसान भारी पड़ गए। कंपनी ने आखिरकार आलू की एक खास किस्म उगाने वाले किसानों पर दर्ज किए सभी मुकदमों को वापस ले लिया है। किसानों ने कंपनी से प्रतीकात्मक तौर पर हर्जाना भी लिया है।

11 किसानों के खिलाफ दर्ज किया था मुकदमा
कंपनी ने गुजरात के डीसा, साबारकांठा, बानसकांठा और अरावली जिले के 11 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। कंपनी का आरोप था कि इन किसानों ने आलू की उस वैरायटी का उत्पादन किया, जिसका इस्तेमाल वो अपने चिप्स बनाने के लिए करती है।

एक रुपया लिया हर्जाना
किसानों ने कंपनी से प्रतीकात्मक तौर पर एक रुपये का हर्जाना लिया है। किसानों की तरफ से वकील आनंद याज्ञनिक ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी कंपनी की भारतीय इकाई से मानहानि और बेमतलब के केस में फंसाने के लिए यह हर्जाना लिया है।

ऐसे शुरू हुआ था विवाद
गुजरात के किसानों ने पेप्सिको द्वारा उसके चिप्स में प्रयोग होने वाले आलू की किस्म का उत्पादन किया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद पेप्सीको ने 11 किसानों पर मुकदमा दायर कर दिया था। किसानों में आक्रोश को बढ़ता देख पेप्सिको ने मुकदमा वापस लेने के लिए शर्त रखी, जिसके बाद किसान और भड़क गए।

पेप्सी और लेज चिप्स जैसे उत्पाद बनाने वाली इस कंपनी का कहना है कि ये किसान जिस आलू को उगा रहे हैं, उसे उगाने का अधिकार सिर्फ उसके पास है।

यह रखी थी शर्त
पेप्सिको ने उन तीन किसानों से समझौता करने के लिए एक शर्त रखी थी। इसके मुताबिक किसान उनके आलू फार्मिंग प्रोग्राम के साथ जुड़ सकते हैं। इससे उन्हें ट्रेनिंग के अतिरिक्त आलू के लिए अच्छा दाम भी मिलेगा। वहीं अगर किसान उनके आलू फार्मिंग प्रोग्राम के साथ नहीं जुड़ते हैं तो उन्हें एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करना होगा। ऐसा करने से इनके एफएल-2027 आलू उगाने पर रोक लग जाएगी।

किसानों ने लिया था सामूहिक निर्णय
किसानों ने पेप्सिको के उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए भारतीय किसान संघ की गुजरात इकाई के बैनर तले सामूहिक निर्णय लिया था। किसानों ने पेप्सीको के खिलाफ बीज अधिकार मंच के तहत लड़ाई को आगे ले जाने का फैसला किया था।

किसानों का कहना था कि देश में भी कोई भी कंपनी किसान को किसी भी तरह के बीज का प्रयोग करने से मना नहीं कर सकती है। किसानों का कहना था कि पेप्सिको सभी किसानों के ऊपर से मुकदमा वापस ले और उनको मानहानि भी दे।

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