Sunday, March 8, 2026
Homeखास खबरअमित शाह को वित्त या गृह, थोड़ी देर में हो सकता है...

अमित शाह को वित्त या गृह, थोड़ी देर में हो सकता है मंत्रियों के विभागों का बंटवारा


दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रियों के विभागों की घोषणा बस कुछ देर में होने वाली है। मंत्रिमंडल सचिवाल की वेबसाइट पर coming soon लिखा हुआ आ रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के विभागों के बंटवारे वाली सूची राष्ट्रपति भवन पहुंच गई है। जल्द ही जारी किया जा सकता है।

बता दें कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ 57 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। अब सबकी निगाहें मंत्रियों के पोर्टफोलियो पर टिकी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहली बार मोदी सरकार का हिस्सा बने हैं, ऐसे में हर किसी की नजर है कि उन्हें क्या जिम्मेदारी मिलती है। वहीं आज शाम मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक भी होगी।

हालांकि इस नई कैबिनेट में पिछली सरकार के 40 फीसदी मंत्रियों को जगह नहीं मिली है। इस बार कैबिनेट में वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज और सुरेश प्रभु को भी स्थान नहीं मिला है। वहीं पूर्व विदेश सचिव एस. जयशंकर को अपने कैबिनेट में चुनकर पीएम ने जानकारों को हैरान कर दिया।

इस शपथ समारोह में प्रधानमंत्री समेत कुल 58 ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। शपथ समारोह में 24 ने कैबिनेट मंत्री, 9 ने स्वतंत्र प्रभार और 24 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिलेगा इस बारे में अभी कुछ साफ नहीं है। इसकी तस्वीर आज साफ हो जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि अमित शाह को गृह मंत्रालय या वित्त मंत्रालय दिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर शाह को गृह मंत्रालय मिला तो राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। साथ ही निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय मिल सकता है।

एस. जयशंकर को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह
पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वह जनवरी, 2015 से जनवरी, 2018 तक विदेश सचिव रहे। जयशंकर को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना मोदी सरकार का चैंकाने वाला कदम है। सूत्रों का मानना है कि उन्हें विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है।

वहीं, मंत्रिमंडल में सुषमा स्वराज और मेनका गांधी को नहीं शामिल किया जाना चैंकाने वाला है। खराब स्वास्थ्य के कारण सुषमा ने चुनाव से दूरी बना ली थी।

हालांकि मोदी की ओर से सुषमा को मनाने की भरपूर कोशिश की गई। गांधी परिवार के दूसरे महत्वपूर्ण धड़े से जुड़ीं मेनका गांधी मुख्य गांधी परिवार की काट के लिए एक समय पार्टी के लिए बेहद अहम थीं।

अब मुख्य गांधी परिवार के काट के लिए पार्टी को स्मृति ईरानी के रूप में चेहरा मिल गया है। 2014 में सत्ता में आने के बाद सुषमा को विदेश मंत्री, जबकि मेनका गांधी को महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बनाया गया था।

सूत्रों की मानें तो रविशंकर प्रसाद को इस बार वाणिज्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा संभावनाएं यह भी हैं कि पूर्व राजनयिक हरदीप सिंह पुरी, जिन्हें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में कैबिनेट में जगह दी गई है, वह भी इस पद पर नियुक्त हो सकते हैं। पुरी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यवसायिक मसलों की गहरी समझ है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments