Sunday, March 8, 2026
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निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष चुने गए ओम बिड़ला, कुर्सी तक छोड़ने गए पीएम मोदी


दिल्ली। राजस्थान के कोटा से सांसद और एनडीए उम्मीदवार ओम बिड़ला को आज सर्वसम्मति से लोकसभा का अध्यक्ष चुन लिया गया है। सारे पूर्वानुमानों और अटकलों पर विराम लगाते हुए पीएम मोदी ने लोकसभा के नए स्पीकर के मामले में अनुभव पर ऊर्जावान युवा चेहरे को तरजीह दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रस्ताव किया और कई अन्य नेताओं ने इनका अनुमोदन किया। बाद में पूरे सदन ने ध्वनिमत से अपना समर्थन दिया और फिर कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बिड़ला को स्पीकर घोषित किया। गौरतलब है कि ओम बिड़ला राजस्थान के कोटा संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं।

कुर्सी तक छोड़ने गए पीएम मोदी
पीएम मोदी खुद उन्हें कुर्सी तक छोड़ने गए। ओम बिड़ला की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम सबके लिए गर्व का विषय है कि स्पीकर पद पर आज हम ऐसे व्यक्ति का अनुमोदन कर रहे हैं, जिन्होंने छात्र राजनीति से ही जीवन का सर्वाधिक उत्तम समय, बिना किसी ब्रेक के समाज की किसी न किसी गतिविधि में व्यतीत किया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का काशी कहे जाने वाला राजस्थान के कोटा का परिवर्तन, जिसके योगदान से हुआ है वो नाम है श्री ओम बिड़ला जी। समाज में कहीं भी पीड़ा नजर आई तो पहले बिड़ला जी पहले पहुंचने वाले व्यक्तियों में से रहे।

पीएम ने कहा कि आम तौर पर राजनीतिक जीवन में ये छवि बनी रहती है कि राजनेता 24 घंटे राजनीतिक उठापटक करते हैं। लेकिन, वर्तमान में देश ने अनुभव किया है कि राजनीतिक जीवन में जितनी अधिक सामाजिक सेवा रहती है, उतनी अधिक मान्यता मिलती है। ओम बिड़ला जी की पूरी कार्यशैली समाज सेवा से जुड़ी रही है।

कच्छ के भूकंप और केदारनाथ आपदा में की थी समाज सेवा
ओम बिड़ला की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि जब गुजरात में भयंकर भूकंप आया, तब बहुत लंबे समय तक वे कच्छ में रहे। अपने इलाके के युवा साथियों को लेकर आए और पीड़ितों की सेवा का काम किया। जब केदारनाथ का हादसा हुआ तो बिड़ला जी अपनी टोली के साथ उत्तराखंड में समाज सेवा के लिए लग गए और अपने कोटा में भी अगर किसी के पास ठंड के सीजन में कंबल नहीं है तो रातभर कोटा की गलियों में निकलकर जन भागीदारी से लोगों को कंबल पहुंचाते हैं।

कोटा में भूखों के लिए चलाते हैं प्रसादम नाम की योजना
बिड़ला जी ने एक व्रत लिया था कि कोटा में कोई भूखा नहीं सोएगा और वे एक प्रसादम नाम की योजना चलाते हैं जो आज भी चल रही है। ओम बिड़ला जी ने राजनीति का केंद्र बिंदु जन आंदोलन से ज्यादा जनसेवा को बनाया। ऐसा संवेदनशील व्यक्तित्व आज जब स्पीकर पद पर आया है, तो वो हमें अनुशासित भी करेंगे और अनुप्रेरित भी करेंगे। उनके कार्यकाल में सदन देश के लिए उत्तम से उत्तम तरीके से काम कर सकेगा।

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