Sunday, March 8, 2026
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20 हजार सस्ते मकान बनाने की राह होगी आसान, नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक आज

नोएडा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नोएडा क्षेत्र में 20 हजार सस्ते मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन नोएडा में इसे लागू कराने के लिए नीतियां बनाने और कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है। इस बाबत नोएडा प्राधिकरण ने शासन से पहले भी मार्गदर्शन की इच्छा जताई थी, लेकिन शासन से दिशानिर्देश नहीं मिलेे थे। लिहाजा, शुक्रवार को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इस संबधी प्रस्ताव फिर प्रस्ताव रखा जा सकता है।

दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए सबका आवास मिशन का शुभारंभ 2015 में किया गया था। इसका समापन 2022 में होगा। मिशन के तहत आर्थिक पिछड़े वर्ग के लिए और निम्न आय वर्ग के लिए एलआईजी फ्लैट सस्ती दर पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से 1.5 लाख और राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाना है।

निर्माण कार्य करने वालों को इतने रुपये का अनुदान मिल जाएगा। जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश शासन के आवास विभाग के दिशानिर्देशों के मुताबिक नियम औद्योगिक विकास प्राधिकरणों पर लागू नहीं होती। लिहाजा, प्राधिकरण की ओर से इस बाबत स्पष्ट कार्य योजना तैयार करने और मार्गदर्शन की अपील शासन से की जाएगी।

इधर, योजना में एफएआर 2.5 व अधिकतम घनत्व 600 आवासीय इकाइयां प्रति हेक्टेयर का नियम है। वहीं, 10 प्रतिशत क्षेत्रफल व्यवसायिक उपयोग के लिए भी आरक्षित है, लेकिन नोएडा भवन विनियमावली में एफएआर 3.5, अधिकतम घनत्व 367 आवासीय इकाइयां प्रति हेक्टेयर और व्यावसायिक उपयोग 1 प्रतिशत क्षेत्र पर करने का नियम है। इस बाबत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी अपने बोर्ड बैठक में शासन को प्रस्ताव भेजा है।

सस्ते मकान की राह आसान करने और प्रधानमंत्री आवास योजना को नोएडा में लागू कराने के लिए शासन से मार्गदर्शन की अपील की जाएगी। इसके अलावा कई अन्य प्रस्ताव हैं जिसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, जो जनता के हित में होंगे।

रितु माहेश्वरी, सीईओ नोएडा प्राधिकरण
बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव भी रखे जाएंगे
– बिल्डरों को नवंबर तक री-शिड्यूलमेंट का तोहफा
– प्रधानमंत्री आवास योजना को नोएडा में लागू कराने को लेकर शासन से मार्गदर्शन
– भवन मानचित्रों की स्वीकृति से पहले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रावधानों को शामिल करना। इसमें 2000 वर्गमीटर से बड़े ग्रुप हाउसिंग, व्यवसायिक और संस्थागत व 5 हजार वर्गमीटर से बड़े औद्योगिक भूखंडों के लिए प्लांट की व्यवस्था।

– प्रति फ्लैट की दर से बकाया लेकर फ्लैटों की रजिस्ट्री
– बिल्डरों को अतिरिक्त समय वृद्धि
– होम गार्ड की व्यवस्था
– किसानों के मुआवजे के लिए उपाय
– सेक्टर-94 में नोएडा कंवेंशन एंड हैबिटेट सेंटर
– सेक्टर-151ए में गोल्फ कोर्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और हेलीपैड बनाने
– स्टार्टअप हब विकसित करने
– एक मुश्त समाधान योजना लाने
– कचरा संग्रहण में लगे स्टाफ की निगरानी के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने
– आम्रपाली मामले में प्राधिकरण को होने वाले नुकसान

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