Saturday, March 7, 2026
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अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण मुद्दा; झगड़ा बढ़ा रहा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड : वसीम रिजवी

 

लखनऊ (एजेंसीज) : सुप्रीम कोर्ट में पांच दिसंबर से राज जन्मभूमि तथा बाबरी मस्जिद विवाद पर नियमित सुनवाई से पहले यहां पर समझौते के जोरदार प्रयास हो रहे हैं। लखनऊ में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था, जिसके तहत शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी और राम मंदिर के पक्षकार अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।

लखनऊ में आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि तथा शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बैठक की। बैठक के बाद वसीम रिजवी ने मीडिया को संबोधित किया। वसीम रिजवी ने कहा कि अयोध्या में अब बाबरी मस्जिद बनाने का कोई मतलब नहीं हैं। हम आपसी सहमति से हम एक हल निकलना चाहते हैं। जिसके लिए हम अयोध्या में मंदिर बनाने को पूरी तरह से तैयार हैं।

वसीम रिजवी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मामले मे सिर्फ़ झगड़ा बढ़ा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट इस मसौदे पर फैसला करेगा। अयोध्या में अब मस्जिद बनाने का कोई मतलब नहीँ, टशन में मस्जिद निर्माण नही होना चाहिये। लखनऊ में हो मस्जिद-ए-अमन का निर्माण। रिजवी और महंत जी ने मसौदा मीडिया के सामने जारी किया।

रिजवी और महंत का राम मन्दिर निर्माण मसौदा।

  • मंदिर की जगह से शिया वक्फ़ बोर्ड दावा नहीँ करेगा।
  • अब ये ज़मीन मंदिर निर्माण पक्ष की होगी।
  • सुप्रीम कोर्ट मे 18 नवम्बर को मसौदा पेश किया जा चुका है।
  • आपसी सहमति से हम एक हल निकलना चाहते है, जिसके लिए हम अयोध्या में मंदिर बनाने के लिये तैयार है।
  • लखनऊ में मस्जिद हुसैनाबाद में अमन-ए-मस्जिद के नाम से मस्जिद बनायेंगे, जिसके लिए हम प्रस्ताव बना रहे हैं।

वसीम रिजवी ने कहा कि हम कत्ल-ए-आम नही चाहते हैं। हमने कभी भी कोई वकील कोर्ट में खड़ा नही किया तो शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से किसने वकील खड़ा किया, इसकी जांच होनी चाइये। आयोध्या में मस्जिद बनाने का कोई मतलब नही है। अयोध्या मंदिरों का शहर है। शिया वक्फ बोर्ड अयोध्या मंदिर बनाने के लिए मदद भी करेगा। मसौदे के अनुसार अयोध्या मे राम मंदिर बने। रिजवी ने कहा कि 1945 तक बाबरी मस्जिद के मुतवल्ली शिया ही रहे। 1944 के रजिस्ट्रेशन को कोर्ट एक मामले में खारिज कर चुका है। उन्होंने कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट इस मसौदे पर फैसला करेगा।

महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि शिया वक़्फ़ बोर्ड के प्रस्ताव का स्वागतहै। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर कोर्ट निर्णय करेगा। महंत ने कहा कि आने वाला इतिहास मंदिर मस्जिद पर लड़ने वालों को माफ नही करेगा।आपसी सौहार्द पैदा हो ताकि आने वाली पीढ़ी याद करे।

अयोध्या के रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद का मामला देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके साथ ही राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर सूबे में राजनीति तेज होने लगी है।

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