इटावा जिले में एक विशाल धार्मिक परियोजना चल रही है जिसमें एक नया शिवालय—केदारेश्वर मंदिर—तत्कालीन प्रदेश मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की पहल से बन रहा है। यह मंदिर संरचना में लगभग 80% मिलती-जुलती मानी जा रही है केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से, जिसको लेकर उत्तराखंड स्थित ब्राह्मण समाज महासंघ, विद्वत सभा सहित धार्मिक संगठनों ने तीव्र विरोध जताया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रावण के पहले सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर इटावा के एक मंदिर का वीडियो साझा किया, जो केदारनाथ जैसा दिखता है। वीडियो में मंदिर का नाम ‘केदारेश्वर’ बताया गया है। इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वीडियो में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना करते दिख रहे हैं। मंदिर परिसर में दुकानें भी सज गई हैं।
ब्राह्मण समाज महासंघ (उत्तराखंड) और उत्तराखंड विद्वत सभा ने इस नकल परियोजना का तेजी से विरोध किया। उनका कहना है कि यह नकल धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाती है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए । तीर्थ पुरोहित, साधु-संत, शंकराचार्य और पुरोहित समाज ने भी इस कदम को पापपूर्ण और धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया है।
उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ ने इस परियोजना को धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा। उनका दावा है कि इससे असली केदारनाथ मंदिर की पवित्रता तथा श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने तत्काल निर्माण पर रोक की मांग की है।

