नई दिल्ली/रोम : भारत को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। दुनिया के सबसे बड़े समुद्री सुरक्षा मंचों में शामिल कोस्ट गार्ड ग्लोबल समिट (CGGS) के 5वें संस्करण की मेज़बानी भारत को मिली है। यह ऐलान इटली की राजधानी रोम में आयोजित 4वीं कोस्ट गार्ड ग्लोबल समिट (11-12 सितंबर 2025) के दौरान किया गया।
भारत के प्रस्ताव को सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से मंज़ूरी दी, जो भारत की अंतरराष्ट्रीय समुद्री भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तीन दिन चलेगा सम्मेलन, चेन्नई बनेगा केंद्र
इंडियन कोस्ट गार्ड के महानिदेशक परमेश शिवमणि के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने समिट में हिस्सा लिया। उन्होंने घोषणा की कि 5वीं कोस्ट गार्ड ग्लोबल समिट वर्ष 2027 में चेन्नई में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन भारतीय कोस्ट गार्ड की स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) का भी हिस्सा होगा।
इस समिट का कार्यक्रम तीन दिनों का होगा, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख आयोजन शामिल होंगे:
- इंटरनेशनल कोस्ट गार्ड फ्लीट रिव्यू
- वर्ल्ड कोस्ट गार्ड सेमिनार
- वैश्विक समुद्री सहयोग पर उच्चस्तरीय वार्ताएं
साझा समुद्री सहयोग की दिशा में बड़ा कदम
महानिदेशक शिवमणि ने कहा,”आज के समय में कोई भी देश अकेले समुद्री चुनौतियों का सामना नहीं कर सकता। यह समिट सभी देशों को एक साझा मंच देगा, जहां वे समुद्री सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, अपराध रोकथाम और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर सकेंगे।”
भारत-इटली के बीच द्विपक्षीय चर्चा भी हुई
समिट के दौरान भारत और इटली के कोस्ट गार्ड प्रमुखों के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी हुई। यह बैठक भारत-इटली सामरिक कार्य योजना 2025-2029 के अंतर्गत हुई, जिसमें निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी:
- समुद्री सुरक्षा
- सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
- पर्यावरण संरक्षण
- समुद्री अपराध की रोकथाम
- सूचना का आदान-प्रदान
- संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम
विशेष महत्व
भारत के लिए यह मेज़बानी केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और कूटनीतिक प्रभाव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर है।

