Sunday, March 8, 2026
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रुद्रप्रयाग जिले के तल्लानागपुर क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट वाहनों के जरिये पानी ढुलवाने को मजबूर हैं ग्रामीण और व्यापारी

रुद्रप्रयाग जनपद की पट्टी तल्लानागपुर के अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल का भीषण संकट बना हुआ है। स्थिति यह आ गई है कि ग्रामीणों और व्यापारियों को पानी की आपूर्ति पूरी करने के लिए वाहनों के जरिये पानी को खरीदकर ढुलवाना पड़ रहा है। इंसान तो दूर यहां मवेशियों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सोचनीय विषय यह बन गया है कि जब मार्च माह में ही इस तरह की परिस्थितियां बन गई हैं तो मई और जून माह में क्या हाल होंगे।
पट्टी तल्लानागपुर के चोपता, सतेराखाल, दुर्गाधार, मयकोटी सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल की भीषण किल्लत बनी हुई है। यहां की पेयजल समस्या आज की नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है। गांवों को जोड़ने वाले पेयजल स्त्रोतों पर पानी नहीं चल पा रहा है, जबकि इस वर्ष अधिकांश पेयजल स्त्रोत सूख भी चुके हैं। तल्लानागपुर पट्टी के मुख्य केन्द्र बिन्दु चोपता में पेयजल की काफी समस्या है। यहां के स्थानीय होटल व्यवसायी दूरस्थ प्राकृतिक जल स्त्रोतों से वाहनों के जरिये पानी को ढुलवा रहे हैं। स्थिति यह है कि पानी के अभाव में स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। चोपता में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचने वाली जनता को पीने के लिये पानी तक नहीं मिल पा रहा है। इस बार बारिश कम होने के कारण अधिकांश पेयजल स्त्रोत भी सूख चुके हैं। जिन स्त्रोतों में पानी है, वहां भी बहुत कम पानी रह गया है। पाइप लाइनों पर भी पूरा पानी नहीं चल पा रहा है। ऐसे में पानी को लेकर जनता की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। जल संस्थान की ओर से भेजे जा रहे पानी के टैंकरों का पानी पर्याप्त मात्रा में ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि अभी से पानी की इतनी विकट समस्या है तो गर्मियों में क्या हाल होंगे। हर घर को नल से तो जोड़ा जा रहा है, लेकिन इन नलों पर पानी कहां से चलेगा। प्राकृतिक स्त्रोत अभी से सूखने लग गये हैं।जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजय सिंह ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले के भरदार और तल्लानागपुर पट्टी में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस वर्ष बारिश भी कम मात्रा में हुई है, जिस कारण पेयजल स्त्रोत सही से रिचार्ज नहीं हो पाये हैं। जल संस्थान के दो दर्जन पेयजल स्त्रोतों पर पानी सूख चुका है। ऐसे में यहां के ग्रामीण जनता को वाहन के जरिये पानी पहुंचाया जा रहा है।

– संजय सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान

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