Saturday, March 7, 2026
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भव्य व दिव्य बन रही है केदारपुरी; स्थानीय शैली में बन रहे तीर्थ पुरोहितों के भवन चार चांद लगा देंगे केदारपुरी की सुंदरता पर

इस बार केदारनाथ की यात्रा सुखद रही है। चार लाख 70 हजार से अधिक भक्त बाबा केदार के दर पर पहुंचे। कई यात्रियों ने फीडबैक दिया है। यात्रा को लेकर किसी ने सुझाव दिया है तो किसी ने शिकायत की है। आने वाले समय में भी सरकार और प्रशासन के समन्वय से यात्रा को और भी बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा। शीतकाल में धार्मिक के साथ एडवेंचर टूरिज्म को बढावा दिया जाएगा।

रुद्रप्रयाग(संवाददाता) : नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि स्थानीय शैली में तीर्थ पुरोहितों के भवनों को बनाया जा रहा है। ये भवन केदारपुरी की सुंदरता पर चार चांद लगा देंगे। कोशिश यही है कि जल्द से जल्द इन भवनों का कार्य किया जाए, जिससे आने वाले यात्रा सीजन में तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। आपदा के बाद से केदारपुरी में निम की टीम पुनर्निर्माण के कार्य में जुटी हुई है। निम की टीम के पास शीतकाल में कार्य करने का अच्छा अनुभव है। इन्हीं अनुभवों के साथ शीतकाल में पुनर्निर्माण कायरे को तेजी से किया जाएगा।

एक साल के भीतर केदारपुरी का नजारा पूरी तरह बदला-बदला सा नजर आएगा। केदारपुरी को मास्टर प्लान के तहत बसाने की तैयारी शुरू हो गई है। सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो केदारनाथ दिव्य और भव्य नजर आएगी। केदारनाथ में प्रथम चरण में करीब दो सौ करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पर काम होगा। कार्ययोजना के तहत सरस्वती और मंदाकिनी नदी के कटाव से केदारपुरी को सुरक्षित करने के लिए नदी प्रोटेक्शन वॉल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही घाट निर्माण भी किया जाएगा। जहां पर यात्री पूजा कर सकेंगे। संगम से केदारनाथ मंदिर गेट तक करीब 40 फीट चौड़े रास्ते का निर्माण होगा।

रास्ते के किनारे यात्रियों के बैठने और आराम के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी और पूजा सामग्री व अन्य दैनिक आवश्यकताओं की व्यवस्था होगी। डिस्पेंसरी, पोस्ट आफिस और बैंक की भी सुविधा यात्रियों को मिलेंगी। रास्ते के दोनों ओर स्थानीय शैली में तीर्थ पुरोहितों के भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के पीछे आपदा में मारे गए लोगों की याद में स्मृति वन बनाया जाएगा। साथ ही मेडिटेशन सेंटर और मेमोरियल बनाया जाएगा। आपदा के कारण नेस्तनाबूद हुए शंकराचार्य समाधिस्थल का भी दोबारा निर्माण किया जाएगा। यहां पर संग्रहालय का भी निर्माण होगा।

यह सभी निर्माण कार्य पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किए जाएंगे। डीएम मंगेश घिल्ड़ियाल ने बताया कि अगले छह माह में मंदाकिनी और सरस्वती नदी पर सुरक्षा दीवाल और घाट निर्माण के साथ ही एप्रोच रोड का काम पूरा कर दिया जाएगा। पर्यावरण को देखते हुए ही इन सभी योजनाओं पर काम होगा। शीतकाल में भी केदारपुरी में निर्माण कार्य चलता रहेगा, तय समय सीमा पर कार्य पूरे किए जाएंगे।

डीएम मंगेश घिल्ड़ियाल ने बताया कि इस बार केदारनाथ की यात्रा सुखद रही है। चार लाख 70 हजार से अधिक भक्त बाबा केदार के दर पर पहुंचे। कई यात्रियों ने फीडबैक दिया है। यात्रा को लेकर किसी ने सुझाव दिया है तो किसी ने शिकायत की है। आने वाले समय में भी सरकार और प्रशासन के समन्वय से यात्रा को और भी बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा। शीतकाल में धार्मिक के साथ एडवेंचर टूरिज्म को बढावा दिया जाएगा।

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