Saturday, March 7, 2026
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सितारगंज में बनेगा प्लास्टिक पार्क, हजारों हाथों को मिलेगा रोजगार

रुद्रपुर। अगर सब कुछ ठीक रहा तो सितारगंज सिडकुल में आने वाले दिनों में प्लास्टिक पार्क स्थापित होने के साथ ही हजारों हाथों को रोजगार भी मिल सकेगा। देश में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की ओर से बनने वाले दस प्लास्टिक पार्कों में से एक पार्क सितारगंज में खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। सिडकुल ने यहां 40 एकड़ जमीन चिह्नित कर 87 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर मंत्रालय को भेज दी है। 

चीन से तनातनी के बीच प्लास्टिक उद्योग में भारतीय कंपनियों के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं। इसके अलावा दिल्ली से भी प्लास्टिक उद्योग बाहर निकल रहे हैं। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भी राज्य सरकारों को प्लास्टिक पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसके मद्देनजर सिडकुल ने सितारगंज में 40 एकड़ जमीन पर प्लास्टिक पार्क का खाका तैयार किया है।

इसके तहत औद्योगिक क्षेत्र, पार्किंग, सड़क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, ट्रीटमेंट प्लांट सहित अन्य सुविधाएं विकसित करने के बाद प्लास्टिक उद्योग स्थापित किए जाएंगे। प्लास्टिक का सामान बनाने के साथ ही कचरे को रिसाइकिल करने के लिए प्लांट भी लगाया जाएगा।

इस पार्क को विकसित करने में आने वाले खर्च को केंद्र और राज्य सरकार दोनों आधा-आधा वहन करेंगे। पार्क में निवेश करने वाले उद्योगों को रियायती दामों पर जमीन के साथ ही सब्सिडी, जीएसटी में छूट मिलेगी।

ये सामान बनाने वाले उद्योग होंगे स्थापित
-आटो मोबाइल में प्रयोग होने वाला प्लास्टिक सामान
-टेलीकम्युनिकेशन में प्रयोग होने वाला सामान
-घरेलू उपयोग का प्लास्टिक सामान बनाने वाले उद्योग

प्लग एंड प्ले सुविधा भी मिलेगी

प्लास्टिक पार्क में सिडकुल की ओर से प्लग एंड प्ले सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। इसके तहत एक हॉल तैयार कर प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग मशीनें लगाई जाएंगी। जीएम पीसी दुम्का ने बताया कि तकनीकी दक्ष लोगों की कमी नहीं है, लेकिन कई लोगों के पास निवेश के लिए पूंजी की दिक्कत है। ये लोग कच्चा माल लेकर आएंगे और बहुत कम शुल्क देकर मशीनों की मदद से प्लास्टिक उत्पाद तैयार कर सकेंगे। 

डिजाइन और टेस्टिंग में मदद करेगी सीपेट

प्लास्टिक पार्क में सीपेट (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) का एक सेटअप भी लगेगा। इसमें उद्योगों को उत्पादों की डिजाइन और टेस्टिंग में मदद की जाएगी। सिडकुल के जीएम पीसी दुम्का ने बताया कि सिडकुल ने सीपेट के साथ मिलकर प्रोजेक्ट भी बनाया है। उद्योगों को हर तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। 

सिडकुल ने सितारगंज में प्लास्टिक पार्क के लिए 87 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को भेजी है। इस योजना में 40 करोड़ भारत सरकार देगा, जबकि बाकी खर्च सिडकुल वहन करेगा। ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन दिल्ली और मुंबई से उद्योग लगाने को लेकर संपर्क किया गया है। उद्यमी उत्तराखंड में निवेश के लिए उत्सुक हैं। भारत सरकार से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। 
-पीसी दुम्का, जीएम, सिडकुल

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