Sunday, March 8, 2026
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तराई में बसे लोगों को मिलेगा भूमि का मालिकाना हक, स्वामित्व योजना में सर्वे शुरू; यह योजना बुक्सा/थारुओं से खरीदी सम्पति पर भी लागू हो!

प्रधानमन्त्री की स्वामित्व योजना से सभी किसानों और ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। लेकिन इस योजना का लाभ तराई में बुक्सा/थारुओं से खरीद कर माकन बनाने, खेती कर रहे लोगों को भी मिलना चाहिए। उधम सिंह नगर में ऐसे किसानों/निवासियों की संख्या लाखों में है। साथ ही बिंदु खाता, बग्घाचौवन जैसे तथाकथित बन भूमि में रह रहे लोगों को भी इसका लाभ मिले।

रुद्रपुर : वर्षों से अपने ही मकान में रहने के बाद भी उस भूमि का स्वामित्व न मिलने से किसानों और लोगों के लिए मुसीबत थी। इस भूमि को वह न तो बेच सकते थे और न ही आवश्यकता पड़ने पर उस पर लाेन ले सकते थे। लेकिन अब जल्द ही उन्हें उनकी भूमि अधिकारिक तौर पर बतौर उनके नाम से दर्ज होगी। साथ ही भूमि से संबंधित कागजात भी उनके पास होगा। प्रधानमन्त्री की स्वामित्व योजना से सभी किसानों और ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। लेकिन इस योजना का लाभ तराई में बुक्सा/थारुओं से खरीद कर माकन बनाने, खेती कर रहे लोगों को भी मिलना चाहिए। उधम सिंह नगर में ऐसे किसानों/निवासियों की संख्या लाखों में है। साथ ही बिंदु खाता, बग्घाचौवन जैसे तथाकथित बन भूमि में रह रहे लोगों को भी इसका लाभ मिले।

तराई में काफी संख्या में लोग बस गए, आबादी क्षेत्र के रूप में विकसित हो गया, मगर किसी को भूस्वामित्व का अधिकार नहीं मिला। ऐसी स्थिति में कोई रोजगार के लिए बैंक से लोन के लिए आवेदन करते थे तो उन्हें न तो लोन मिलता था और न ही योजनाओं का लाभ। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भूमि का पूर्णाधिकार देने के लिए स्वामित्व योजना आरंभ किया है। खास बात यह है कि यह योजना सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में शुरू किया गया है।

योजना का लाभ सबसे पहले जिले के किसानों को मिलेगा। इसके लिए सर्वे हो रहा है। पीएम के इस योजना का उद्​देश्य सभी को अपनी भूमि का पूर्ण अधिकार देना है। जिससे जरूरत पड़ने पर किसान उस पर लोन ले सके या बेच भी सकें। नाम न होने से कई बार उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऊधम सिंह नगर में कुल 566 राजस्व गांव हैं। जिनमें करीब डेढ़ लाख परिवार निवास करते हैं। सबसे पहले तीन ब्लॉक गदरपुर, किच्छा और रुद्रपुर के 80 गांवों का में सर्वे का काम चल रहा है। जिसके बाद लोगों को चिन्हित कर जमीन के कागजात सौंपे जाएंगे।

पांच सदस्यीय टीम संभालेगी कमान

हर किसान निर्धन व्यक्ति जिनकी अपनी भूमि होते हुए भी उसके कागजात उनके नाम नहीं है उन्हें लाभ मिलेगा। इस कार्य में पारदर्शिता दलाने के लिए जिलाध्यक्ष के निर्देश पर मंडल अध्यक्ष कार्य करेंगे। राजस्व टीम के साथ पार्टी की पांच सदस्यीय टीम लोगों को चिन्हित करेगी। ताकि हर एक को इसका लाभ मिल सके।

दो अक्टूबर को मिलेगा दस्तावेज

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया गया कार्य को जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद दो अक्टूबर गांधी जयंती को अवसर पर किच्छा के 40, गदरपुर के 20 और रुद्रपुर के 20 किसानों व ग्रामीणों को उनकी भूमि का मालिकाना हक बतौर दस्तावेज सुपूर्द किया जाएगा।

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