अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों और अखाड़ों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार स्थित डाम कोठी में सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ पहली महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मेला प्रशासन की ओर से 13 अखाड़ों के दो-दो सचिव या नामित प्रतिनिधि शामिल हुए।
बीते दिनों जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने अर्धकुंभ को लेकर बयान दिए थे, जिससे शासन-प्रशासन में हलचल मच गई थी। इसके बाद मेला प्रशासन और राज्य सरकार ने संतों की नाराज़गी दूर करने के प्रयास तेज किए। इसी क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने संतों के साथ शीघ्र बैठक करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेला प्रशासन ने 28 नवंबर को बैठक का आयोजन तय किया, जिसके लिए बृहस्पतिवार तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। परंपरा के अनुसार, कुंभ और अर्धकुंभ की पहली बैठक में मुख्यमंत्री अखाड़ों के सुझाव लेते हैं और सभी संतों को मेले में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण देते हैं।
इस बैठक में भी मुख्यमंत्री धामी ने अखाड़ों को आमंत्रित करने के साथ अर्धकुंभ को कुंभ की तरह भव्य और दिव्य रूप से आयोजित करने के संकल्प को दोहराया। साथ ही, आयोजन को सफल बनाने के लिए संतों से सुझाव मांगे गए। बैठक से उम्मीद जताई जा रही है कि अखाड़ा परिषद को लेकर चल रही बयानबाजी पर भी विराम लग सकता है।

