देहरादून— देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के चलते नदियों में उफान आ गया, पुल बह गए और सैकड़ों लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे रह गए। अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
आसन नदी में उफान, लोग चढ़े बिजली के खंभों पर
तेज़ बारिश और अचानक बढ़े जलस्तर से आसन नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। देहरादून के ठाकुरपुर क्षेत्र में कई लोगों ने जान बचाने के लिए बिजली के खंभों और ऊंची जगहों पर शरण ली। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
फुलेट गांव में मकान ढहा, मजदूर दबे
देहरादून से 18 किमी दूर फुलेट गांव में एक मकान गिर गया, जिसमें 8 मजदूर दब गए। स्थानीय लोगों ने दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन शेष की तलाश अब भी जारी है। दुर्गम इलाके में राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
हजारों लोग हुए थे फंसे, राहत-बचाव कार्य जारी
बारिश के कारण पुल और सड़कों के टूटने से करीब 1000 से ज्यादा लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। एसडीआरएफ व पुलिस की मदद से इन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रमुख स्थानों में शामिल हैं:
- पौंधा स्थित देवभूमि इंस्टीट्यूट – 500 लोग
- पंचकूली, रायपुर – 30 लोग
- एमडीडीए कॉलोनी, डालनवाला – 20 लोग
- मसूरी के दो होटलों में – 23 लोग
- अन्य स्थान – सिंघनीवाला, मसंदावाला, सेरकी आदि
सड़क संपर्क बाधित, राजमार्गों पर भारी नुकसान
- देहरादून-पांवटा साहिब राजमार्ग टोंस नदी के पुल के पास सड़क बहने से पूरी तरह बंद हो गया है।
- देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ के पास जाखन नदी उफान पर है, जिससे पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। पुल की एप्रोच रोड बह चुकी है और आसपास के घरों में पानी भर गया है।
- प्रेमनगर में नंदा की चौकी पुल का मध्य हिस्सा टूटने से विकासनगर, सेलाकुई से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
- मसूरी-देहरादून मार्ग जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया है। पुलिस लोगों से मार्ग पर यात्रा न करने की अपील कर रही है।
दुकानदारों में आक्रोश, पर्यटन विभाग पर लापरवाही का आरोप
गुच्चुपानी के स्थानीय दुकानदारों ने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। दुकानदारों का कहना है कि हर साल टैक्स बढ़ाया जाता है लेकिन सुविधाएं नहीं दी जातीं। दुकानों और नदी के बीच मजबूत पुश्ते की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। गर्मियों में पानी की किल्लत से जूझ रहे व्यवसायियों ने जल संचयन और रोकने की व्यवस्था की भी मांग की थी।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 21 सितंबर तक पूरे उत्तराखंड में तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
स्थिति गंभीर, प्रशासन मुस्तैद
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

