Sunday, March 8, 2026
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15 नवंबर से हिमाचल की तर्ज पर किराया वृद्धि करेंगी उत्तराखंड की परिवहन कंपनियां, दी ये चेतावनी

ऋषिकेश। उत्तराखंड बस आपरेटर्स महासंघ ने 15 नवंबर से पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में संचालित होने वाले सभी यात्री वाहनों का किराया हिमाचल की तर्ज पर बढ़ाने का फैसला लिया है। महासंघ ने एलान किया कि अगर किराया वृद्धि पर वाहनों का चालान किया गया तो परिवहन कंपनियां चक्का जाम को मजबूर होंगी। महासंघ ने 14 नवंबर तक सरकार को किराया वृद्धि को लेकर निर्णय लेने का समय दिया है।

लगातार बढ़ रही डीजल और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों को देखते हुए निजी परिवहन कंपनियां सरकार से किराया वृद्धि की मांग लंबे समय से कर रही हैं। हाल में ही राज्य प्राधिकरण की बैठक में किराया वृद्धि को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिससे परिवहन कंपनियां नाराज हैं। शनिवार को ऋषिकेश में उत्तराखंड बस आपरेटर्स महासंघ की प्रांतीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल में यात्री वाहनों का संचालन करने वाली सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड स्थित होटल में आयोजित बैठक में निजी परिवहन संस्थाओं की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। यातायात कंपनी के अध्यक्ष मनोज ध्यानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में केएमओयू के अध्यक्ष सुरेश दसोला ने कहा कि पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 20 जुलाई 2020 को जब सरकार ने किराया वृद्धि की थी तब डीजल की कीमत 72.43 रुपये थी। मगर, अब डीजल 99 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। ऐसे में किराया वृद्धि करना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में परिवहन कंपनियों को बसों के संचालन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य प्राधिकरण की बैठक में किराया वृद्धि होने की उम्मीद थी। मगर सरकार ने किराए वृद्धि के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डालकर परिवहन व्यवसायियों के साथ बड़ा छल किया है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार 14 नवंबर तक किराया वृद्धि का फैसला नहीं लेती तो 15 नवंबर से सभी परिवहन संस्थाएं स्वयं ही हिमाचल राज्य की तर्ज पर पर्वतीय क्षेत्रों में 2.19 रुपये प्रतियात्री प्रति किलोमीटर और मैदानी क्षेत्र में 1.40 रुपये प्रति किमी किराया वृद्धि कर देगी।

इस किराया वृद्धि पर यदि वाहनों का चालान किया जाता है और परिवहन व्यवसायियों को प्रताड़ित किया जाता है तो परिवहन व्यवसाई सड़कों पर अपने वाहनों को खड़ा कर चक्का जाम करेंगे। महासंघ ने सभी परिवहन कंपनियों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। बैठक में यूजर्स रामनगर के अध्यक्ष हर्षवर्धन रावत, कुमाऊं आदर्श कंपनी के अध्यक्ष सुंदर सिंह रावत, रूपकुंड के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, जीएमओयू के अध्यक्ष एचएस रावत, यातायात के उपाध्यक्ष नवीन चंद रमोला, विनोद भट्ट, योगेश उनियाल, बालम मेहरा आदि मौजूद रहे।

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