उत्तरकाशी/देहरादून| उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने के बाद भारी तबाही मची है। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण गांव के बीचों-बीच करीब 200 लोग फंस गए हैं, जिन्हें निकालने के लिए आईटीबीपी, सेना और स्थानीय प्रशासन युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
25 फीट ऊंचे मलबे में रास्ता बना रहे जवान
आईटीबीपी और सेना के जवान करीब 25 फीट ऊंचे मलबे को हटाकर ग्रामीणों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। घटनास्थल तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है क्योंकि इलाके की सड़कें और एक पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जवान अस्थायी पुलिया बनाकर लोगों तक पहुंचने की कोशिश में हैं।
सीएम धामी ने किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (EOC) से राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने बताया कि 130 लोगों को कल तक सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि तलाशी और राहत अभियान अभी भी जारी है।
“हमारी सभी एजेंसियां – सेना, ITBP, SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन – पूरी तरह से जुटे हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं,” – सीएम पुष्कर सिंह धामी
हेलीकॉप्टर और मेडिकल टीम तैयार
धामी ने बताया कि बचाव कार्यों के लिए भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर तैयार हैं और जैसे ही मौसम में सुधार होगा, एयरलिफ्टिंग शुरू की जाएगी। राहत सामग्री, खाने के पैकेट और डॉक्टरों की टीम भी तैयार कर ली गई है। धराली में मोबाइल नेटवर्क ठप है, लेकिन प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।
गंगा का जलस्तर खतरे के करीब
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के स्तर के करीब पहुंच चुका है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि जलस्तर अब भी नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन सतर्क है।
केंद्र और राज्य सरकारें सक्रिय
भाजपा सांसद अजय भट्ट ने बताया कि कई सड़कें बह चुकी हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां मिलकर राहत अभियान चला रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को “बहुत दुखद” बताते हुए कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता है। उन्होंने हिमाचल और केरल में हुई इसी तरह की घटनाओं की भी याद दिलाई।
स्थिति अब भी गंभीर, लेकिन नियंत्रण में
धराली में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। मौसम की मार के बावजूद जवानों की कोशिशों से अब तक कई लोगों की जान बचाई जा चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर फंसे हुए व्यक्ति तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकाला जाए।

