उत्तरकाशी— उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार तेज़ी से जारी हैं। इस आपदा में कई लोग लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश अब मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के ज़रिए की जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने नई तकनीकी रणनीति अपनाते हुए मोबाइल नंबरों की लोकेशन के आधार पर लापता लोगों की अंतिम गतिविधि का पता लगाने का निर्णय लिया है।
मोबाइल से खोजे जाएंगे लापता लोग
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि लापता व्यक्तियों की पहचान और पुष्टि के लिए 5 अगस्त (आपदा के दिन) की मोबाइल लोकेशन की जांच की जाएगी। संबंधित व्यक्ति का मोबाइल टावर से आखिरी संपर्क, दिए गए नंबर की मूवमेंट हिस्ट्री,और पंजीकृत पते की पुष्टि की जाएगी।
इसके अलावा, ठेकेदारों के रिकॉर्ड, विशेषज्ञों की सलाह और संबंधित जिलों से फील्ड स्तर पर भी जांच की जाएगी।
अन्य राज्यों से आ रहे परिजन
धराली में लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल, बिहार, राजस्थान समेत कई राज्यों से परिजन पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा उनके दावों को दर्ज कर, गहराई से जांच की जा रही है।
राहत कार्यों में तेजी, हेलिकॉप्टर लौटे
मौसम खराब होने के कारण एमआई-17 और चिनूक हेलिकॉप्टर राहत सामग्री लेकर हर्षिल घाटी नहीं पहुंच सके और चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर लौट आए। हालांकि ज़रूरत पड़ने पर हेलिकॉप्टर से ही राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
धराली में:
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बिजली और पानी बहाल कर दिए गए हैं।
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नेटवर्क कनेक्टिविटी आज शाम तक बहाल होने की उम्मीद है।
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सभी आवश्यक वस्तुएं प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा चुकी हैं।
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सड़क मार्ग के बंद होने के बावजूद भंडारण केंद्रों में पर्याप्त सामग्री मौजूद है।
सेब और नकदी फसल के नुकसान का आकलन पूरा
उद्यान, कृषि और राजस्व विभाग द्वारा धराली में किसानों और बागवानों की फसलों का नुकसान का आकलन पूरा कर लिया गया है। इसके आधार पर प्रभावितों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सड़क बहाली और यातायात व्यवस्था
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाने का कार्य तेज़ी से जारी है। सोनगाड़ में लगभग 400 मीटर सड़क पूरी तरह ध्वस्त है। फिलहाल, गंगोत्री से धराली और हर्षिल से सोनगाड़ तक ट्रांज़िट व्यवस्था के जरिए यातायात सुचारू है। सोनगाड़ से डबरानी तक 2 किमी पैदल मार्ग, उसके बाद उत्तरकाशी तक सड़क मार्ग खुला है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाने का कार्य तेज़ी से जारी है। सोनगाड़ में लगभग 400 मीटर सड़क पूरी तरह ध्वस्त है। फिलहाल, गंगोत्री से धराली और हर्षिल से सोनगाड़ तक ट्रांज़िट व्यवस्था के जरिए यातायात सुचारू है।सोनगाड़ से डबरानी तक 2 किमी पैदल मार्ग, उसके बाद उत्तरकाशी तक सड़क मार्ग खुला है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत, बचाव और आधारभूत संरचना की बहाली की निगरानी कर रहे हैं। सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन तीव्र गति से जारी है। प्रभावितों को सहायता राशि और ज़रूरत का सामान त्वरित रूप से मुहैया कराया जा रहा है।

