उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है और रेस्क्यू ऑपरेशन आज चौथे दिन भी युद्धस्तर पर चल रहा है। अब तक 657 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
वायु सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर से राहत व बचाव कार्यों के लिए भारी मशीनरी और रसद पहुंचाई गई है। शुक्रवार सुबह मातली से हर्षिल के लिए चार यूकाडा हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी, जबकि चिनूक, एमआई-17 समेत आठ निजी हेलिकॉप्टर लगातार अभियान में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दूसरे दिन भी आपदा प्रभावित धराली और सैंजी क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया और कहा कि जब तक आखिरी व्यक्ति को सुरक्षित नहीं निकाला जाता, बचाव अभियान जारी रहेगा।
रेस्क्यू में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजपूताना राइफल्स और सेना की विशेष टीमें लगातार मोर्चे पर डटी हैं। गुरुवार को चिनूक हेलिकॉप्टर से जेसीबी, एस्कवेटर, डोजर, जनरेटर समेत अन्य मशीनरी और 2500 खाने के पैकेट हर्षिल भेजे गए।
गंगोत्री नेशनल हाईवे का 100 मीटर हिस्सा भटवाड़ी के पास बहाल कर दिया गया है, लेकिन 15 किलोमीटर आगे पुल टूटने से यातायात अभी बाधित है। ऐसे में राहत व बचाव कार्यों के लिए हवाई सेवा ही एकमात्र विकल्प बनी हुई है।

