उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र में बनी कृत्रिम झील से जल निकासी का कार्य अब मैन्युअल तरीके से करने की तैयारी की जा रही है। सिंचाई विभाग की टीम आज हेलिकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल रवाना हुई है। अधिकारियों को हर्षिल में ही कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल निकासी का कार्य शीघ्र और सुरक्षित रूप से किया जा सके।
इस कार्य में सहयोग देने के लिए यूजेवीएनएल (उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड) की तकनीकी टीम भी हर्षिल पहुंच चुकी है। इस झील में पानी भराव के कारण क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच, उत्तरकाशी को हर्षिल से जोड़ने वाले पुल का पुनर्निर्माण कर लिया गया है। यह पुल हाल ही में पांच अगस्त को धराली और हर्षिल क्षेत्रों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल के पुनर्निर्माण से अब राहत सामग्री और मशीनरी की आवाजाही सुगम हो गई है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जा रही है।
धराली क्षेत्र में खोज और बचाव अभियान का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया है। इसके लिए आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी को इंसीडेंट कमांडर और कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी को डिप्टी कमांडर नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने जानकारी दी है कि धराली में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अब लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण धराली क्षेत्र में हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं हो सका है। खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टरों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
प्रशासन, एसडीआरएफ, और अन्य संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

