उत्तरकाशी/धराली | उत्तराखंड के धराली में आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस हेल्प डेस्क द्वारा तैयार की गई नई सूची के अनुसार अब तक कुल 73 लोग लापता हैं। इनमें एक चार वर्षीय मासूम, एक 18 वर्षीय नेपाली किशोर, एक नाबालिग, तथा नेपाल मूल के 29 मजदूर शामिल हैं। इनमें से 5 नेपाली मजदूरों से संपर्क हो चुका है।
शव खोजी डॉग्स ने 8 स्थानों पर दिए संकेत, अब हाईटेक रडार से मलबे की स्कैनिंग
धराली में एनडीआरएफ के कैडेवर डॉग्स (शव खोजी कुत्तों) ने 8 अलग-अलग स्थानों पर मलबे के नीचे संभावित शवों की मौजूदगी के संकेत दिए हैं। खुदाई शुरू की गई थी, लेकिन नीचे से पानी निकलने के कारण कार्य रोकना पड़ा। अब ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) की मदद से मलबे के नीचे दबे भवनों और शवों की स्कैनिंग की जा रही है। GPR तकनीक से संकेत मिलने के बाद ही आगे खुदाई की जाएगी।
धराली को सेक्टरों में बांटकर चलाया जा रहा राहत कार्य
राहत व बचाव कार्यों को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए धराली क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी अलग-अलग राहत एजेंसियों को सौंपी गई है:
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सेक्टर A: एनडीआरएफ
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सेक्टर B: सेना
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सेक्टर C: एसडीआरएफ
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सेक्टर D: आईटीबीपी
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रोड सेक्टर: लोनिवि, बीआरओ और बीजीबी रुड़की
आपदा क्षेत्र में एनडीआरएफ का कंट्रोल रूम और इंसीडेंट कमांड पोस्ट भी स्थापित कर दिया गया है।
1300 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
प्रशासन के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्र से अब तक करीब 1300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि क्षेत्र में अब कोई नागरिक फंसा हुआ नहीं है। राहत सामग्री के रूप में सोमवार को 635 पैकेट सूखा राशन प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है।
स्थिति गंभीर लेकिन नियंत्रण में:
प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार खोज और बचाव कार्यों में जुटी हैं। हालांकि स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन बेहतर समन्वय और तकनीक के इस्तेमाल से राहत कार्यों की गति बढ़ाई जा रही है।

