उत्तरकाशी: लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे बीते 13 दिनों से बंद पड़ा है, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्यानाचट्टी से आगे करीब चार स्थानों पर हाईवे बंद है और प्रशासन द्वारा इसे खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि, जंगलचट्टी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के कारण मार्ग खोलना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सड़क मार्ग बाधित होने से यमुनोत्री धाम सहित गीठ पट्टी के कई गांवों में राशन, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन क्षेत्रों में पिछले छह दिनों से बिजली और मोबाइल नेटवर्क भी बंद हैं, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क भी टूट गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द हाईवे खोलने, बिजली बहाल करने और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस बीच, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने गुरुवार को स्यानाचट्टी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रसोई गैस सिलेंडर, राशन और दवाइयों जैसी जरूरी वस्तुएं पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रशासन द्वारा प्रयास जारी हैं, लेकिन जब तक मार्ग पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक इन पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य होना मुश्किल नजर आ रहा है।

