उत्तरकाशी: यमुना घाटी के स्यानाचट्टी क्षेत्र में भारी मलबा आने से बनी कृत्रिम झील के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। कुपड़ा खड्ड में आए मलबे के कारण यमुना नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया है, जिससे 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। झील का पानी स्यानाचट्टी कस्बे में घुस गया है, जिससे स्थानीय लोगों और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक एजेंसियां जैसे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, पुलिस, खाद्य आपूर्ति और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर तैनात हैं और झील को जल्द से जल्द खोलने के लिए प्रयास जारी हैं।
60 से अधिक लोगों को किया गया रेस्क्यू
प्रशासन ने अब तक करीब 60 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। निचले इलाकों के कुथनौर और खरादी गांवों के लोग भी एहतियात के तौर पर अपने मूल गांवों – स्यालना, पुजारगांव, पाली और भंसाड़ी की ओर लौट गए हैं। वहीं, पुलिस ने स्यानाचट्टी कस्बे के होटलों और आवासीय भवनों को एहतियातन खाली करा लिया है।
बचाव कार्यों में बाधा
हालांकि, बढ़ते जलस्तर के कारण राहत और बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। यमुनोत्री हाईवे पर बना पुल भी झील के पानी में आधा डूब चुका है, जिससे राहत दल को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मौसम और हालात अनुकूल होंगे, झील को खोलने के लिए आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे। फिलहाल, सभी संबंधित विभाग राहत कार्यों में जुटे हैं और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।

