उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आपदा के बाद लापता लोगों की तलाश शुक्रवार को भी जारी रही। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना की टीमें लगातार सर्च अभियान में जुटी हैं। राहत-बचाव कार्यों में स्थानीय लोग भी निस्वार्थ भाव से सहयोग कर रहे हैं।
हुर्री गांव निवासी राजेश रावत ने आपदा के पहले दिन से ही एसडीआरएफ टीम के साथ मिलकर मलबे में दबे लोगों को निकालने में अहम भूमिका निभाई। उनकी निस्वार्थ सेवा को देखकर स्थानीय लोग भी प्रेरित हो रहे हैं।
धराली आपदा ने जहां घरों और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया, वहीं लोगों के मन पर भी गहरे घाव छोड़े हैं। लापता परिजनों की चिंता और तबाही की यादों ने कई ग्रामीणों को मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या से जूझने पर मजबूर कर दिया है।
इन हालातों के बीच गांव ने स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया। खीरगंगा के तट पर सुरक्षित बचे समेश्वर देवता मंदिर प्रांगण में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी ने तिरंगा फहराकर आपदा प्रभावितों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में आपदा में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
गांववासियों ने इस मौके पर संकल्प लिया कि वे मुश्किल हालातों से उबरकर अपनी जिंदगी को नए सिरे से संवारेंगे।

