उत्तरकाशी— उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में आई आपदा के आठवें दिन भी धराली गांव में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर के माध्यम से चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे से प्रभावित गांवों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
आईजी एसडीआरएफ की अध्यक्षता में राहत दल लगातार खोजबीन और बचाव अभियान चला रहे हैं। खीरगंगा का जलस्तर बढ़ने से टीमों के आवागमन के लिए बनाई गई संपर्क पुलिया बह गई थी, जिसे दोबारा तैयार कर लिया गया है। साथ ही, लापता लोगों की तलाश में बनाए गए गड्ढों से पानी निकालकर SAR (सर्च एंड रेस्क्यू) ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
आपदा में घायल दो व्यक्तियों को सेना अस्पताल और जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती किया गया है, जबकि एक गंभीर घायल को ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया है।
मौसम और संचार बना बाधा
खराब मौसम के कारण उत्तरकाशी के मातली हेलीपैड से धराली और हर्षिल के लिए हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। साथ ही संचार सेवा बाधित होने से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों का एक-दूसरे से संपर्क टूट गया है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण बन गई है।
बुनियादी ढांचे की मरम्मत शुरू
धराली-मुखबा के मुख्य झूला पुल की बुनियाद को मजबूत करने का कार्य लोक निर्माण विभाग करेगा। आर्मी इंजीनियर, SDRF और NDRF की टीमों ने पुल का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत की सिफारिश की है। फिलहाल, पुल को सुरक्षित मानते हुए धीरे-धीरे पार करने की सलाह दी गई है।
भागीरथी में बनी झील बनी चुनौती
भागीरथी नदी में बनी झील से जल निकासी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। सिंचाई विभाग ने नौ एई, जेई और श्रमिकों की टीम मौके पर भेजी है। UJVNL की टीम भी राहत कार्यों में सहयोग कर रही है। झील का मुहाना चौड़ा कर जल प्रवाह बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। NDRF की दो बोट टीम भी झील में काम कर रही है।
लापता 68 लोगों में 25 नेपाली मजदूर शामिल
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, धराली आपदा में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 68 लोग लापता हैं, जिनमें 25 नेपाल मूल के मजदूर भी शामिल हैं। पहले यह आंकड़ा 42 बताया गया था, लेकिन नेपाली मजदूरों की पहचान सुनिश्चित होने के बाद यह संख्या बढ़ाई गई है।
विशेषज्ञ टीम नहीं पहुंच पाई
खराब मौसम और जलभराव के चलते देहरादून से रवाना विशेषज्ञों की टीम अभी तक आपदा स्थल नहीं पहुंच सकी है। वहीं, दबराणी से सोनगाड़ और हर्षिल से धराली तक के बाधित मार्गों को लोक निर्माण विभाग द्वारा जल्द सुचारु किए जाने का दावा किया गया है।

