उत्तरकाशी। आपदा प्रभावित धराली-हर्षिल क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन खराब मौसम ने शुक्रवार को अभियान में बाधा डाली। वायुसेना का चिनूक हेलिकॉप्टर, जो जनरेटर लेकर आपदा क्षेत्र जा रहा था, तेज हवाओं के कारण संतुलन बिगड़ने से चिन्यालीसौड़में लैंड करने को मजबूर हुआ।
सुबह 11 बजे तक धराली-हर्षिल से 113 लोगों को मातली हेलीपैड लाया गया, जहां से उन्हें सकुलन भेजा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पुनः मातली हेलीपैड पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
सड़क मार्गों पर अभी भी संकट
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मनेरी: धराली मार्ग पर मनेरी गांव से 2 किमी आगे सड़क का हिस्सा टूटकर भागीरथी में समा गया। बड़ी मशीनों से पहाड़ी काटकर शाम तक कच्चा रास्ता तैयार किया गया, लेकिन नदी का तेज बहाव अभी भी खतरा बना हुआ है।
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भटवाड़ी: दो स्थानों पर चट्टान गिरने से सड़क ध्वस्त। सड़क सुरक्षा संगठन ने एक पॉइंट पर कच्चा रास्ता बना दिया और देर शाम एक किलोमीटर आगे छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोला।
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गंगनानी: भटवाड़ी से 15 किमी आगे पुल बह गया। जवानों ने पैदल निरीक्षण कर मरम्मत की रणनीति बनाई है।
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डबरानी: यहां भी सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया है। आशंका है कि आगे और भी क्षतिग्रस्त हिस्से मिल सकते हैं।
मौसम की चुनौती के बावजूद, सेना और राहत दल हर हाल में प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए जुटे हुए हैं।

