राजधानी देहरादून में पुलिस ने उत्तराखंड के एक पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी के बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर खुद को गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देने और ठगी की वारदातों को अंजाम देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार दिल्ली निवासी एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी यशवर्धन ने ऊंचे सरकारी संपर्कों और प्रभावशाली पहचान का दावा करते हुए उससे करीब साढ़े चार लाख रुपये ले लिए। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लगातार और अधिक धन की मांग कर रहा था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अलग-अलग मौकों पर अपनी पहचान बदलकर लोगों का विश्वास जीतता था। कभी वह खुद को गृह मंत्रालय का अधिकारी बताता था, तो कभी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा अफसर और कभी भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पर होटलों में ठहरने के बाद बिल नहीं चुकाने और कर्मचारियों तथा सुरक्षा गार्डों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप भी हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि इन सामानों का इस्तेमाल वह लोगों पर प्रभाव जमाने और अपनी झूठी पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए करता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य पीड़ितों के सामने आने की भी संभावना है।

