बागेश्वर। रतवे गांव में भूसे में लगी आग से चार मकान जलकर खाक हो गए। दो मकान ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। पीडि़त परिवारों का कोई भी सामान नहीं बचा। सोना, चांदी आदि के आभूषण समेत खाद्यान्न, कपड़े, नकदी आदि अग्निकांड की भेंट चढ़ गई है। प्रभावित एक परिवार ने अपने भाई के घर में शरण ली है। ग्रामीणों और दमकल विभाग ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इससे बाखली यानी एक दूसरे से सटे अन्य मकान जलने से बच गए।
जिला मुख्यालय से लगभग 18 किमी दूर रतवे गांव में गुरुवार को जर्बदस्त अग्निकांड हो गया। बाखली के सबसे पहले मकान में भूसा रखा था। अज्ञात कारणों से भूसे पर आग लग गई और देखते ही चार मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। घटना के समय पीडि़त परिवारों के लोग खेतों में गए हुए थे। मकानों से धुंआ उठते देख आसपास के लोगों ने भैंस, गाय, बैल आदि को खोलकर उन्हें बचा लिया। जिससे पशुहानि होने से भी बच गई। अग्निकांड में मोहन सिंह पुत्र किशन सिंह का तीन मंजिला मकान के छह कमरे पूरी तरह खाक हो गए हैं। इसके अलावा दीवान सिंह पुत्र गुलाब सिंह, रमुली देवी, पत्नी स्व. प्रकाश सिंह और बलवंत सिंह पुत्र धरम सिंह के मकान भी जलकर खाक हो गए हैं। रतन सिंह पुत्र मोहन सिंह के मकान की दीवार में दरार पड़ गई है। देव सिंह पुत्र रतन सिंह के मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। जिला मुख्यालय से गई दमकल टीम ने पूरे चार घंटे में आग पर काबू पाया।
ग्राम प्रधान दर्शन सिंह बिष्ट ने बताया कि मोहन सिंह का परिवार घर पर रहता है। उनके घर में रखे वर्तन, बिस्तर, कपड़े, वर्तन समेत दस तोला सोना, चांदी आदि आभूषण जलकर खाक हो गए हैं। इसके अलावा लगभग 15 हजार रुपये की नकदी भी जल गई है। बलवंत सिंह के बंद मकान में रखा चार बेटों का दहेज का सामान आदि भी जलकर खाक हो गया है।
राजस्व विभाग ने किया मुआयना
राजस्व उपनिरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि भूसे में लगी आग से बड़ी घटना हो गई है। मोहन सिंह का परिवार गांव में रहता है। बाकी अन्य परिवार गांव से बाहर रहते हैं। चार मकान जल गए हैं और काफी नुकसान हुआ है। अग्नि पीड़ति मोहन सिंह दिल्ली में नौकरी करते हैं। वर्तन, कंबल, राशन आदि की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित परिवारों को अभी अहैतुक राशि प्रदान नहीं की गई है। शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
कानूनगो रमेश राम ने बताया कि रतवे गांव का मौका मुआयना कर लिया है। रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी जाएगी। मोहन सिंह की पत्नी पार्वती देवी और बच्चों को उनके भाई के घर में शिफ्ट किया गया है। मोहन सिंह के मकान से पहले मकान में भूसा रखा था। आग वहीं से गई है, लेकिन कारण अभी अज्ञात है। जांच की जा रही है।

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