बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव में प्रदेश के छह सीमांत पर्वतीय जनपदों के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव और संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने और सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स शुरू करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने राज्य की एसटीईएम लैब को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ ही एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
छह जिलों के 240 बाल वैज्ञानिक ले रहे भाग
महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए और उन्हें खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने तथा सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित ऐसे महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं।
डॉ. कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को विद्यालयी शिक्षा से जोड़कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने के साथ ही महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, विज्ञान और तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
देहरादून में साइंस सिटी, चंपावत में साइंस सेंटर
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
चार शिक्षकों को किया सम्मानित
महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी और ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार और विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

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