चमोली। पिपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया और प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों से बचाव कार्य की जानकारी ली।
बताया गया कि बुधवार शाम टनल के भीतर अचानक तेज आवाज के साथ भूस्खलन हुआ। इसके बाद मलबा, पानी और पत्थर तेजी से टनल के अंदर घुस आए। हादसे के समय करीब 16-17 श्रमिक एक स्थान पर काम कर रहे थे। मलबे के तेज दबाव से कई श्रमिक दूर जा गिरे, जबकि कुछ मलबे में फंस गए। घटना के बाद टनल की बिजली भी गुल हो गई।
डेढ़ किलोमीटर दूर सुनाई दी भयावह आवाज
ओडिशा निवासी जगेश्वर ने बताया कि वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिए बाहर भेजने का काम करता है। शाम करीब छह बजे अचानक बेहद तेज और भयावह आवाज सुनाई दी। इसी दौरान टनल की बिजली भी चली गई। हादसे के समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था। आवाज सुनकर उसे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका हुई और उसने अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी।
घायल श्रमिक ने बताया आंखों देखा मंजर
छत्तीसगढ़ निवासी ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल के भीतर सरिया बांधने और सेटरिंग का काम कर रहा था। उस समय करीब 16-17 लोग वहां मौजूद थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर तेज आवाज के साथ भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेजी से टनल के अंदर आने लगे। इसके धक्के से कई लोग दूर जा गिरे और कुछ मलबे में दब गए।
श्रमिकों के मुताबिक टनल में कई जगह मलबा आने से ऑक्सीजन का स्तर भी कम हो गया था। कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और वे आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। एक घायल ने बताया कि वह कीचड़ में कमर तक फंस गया था और किसी तरह अपनी जान बचा पाया।
पहले से जताई जा रही थी मिट्टी खिसकने की आशंका
टनल से बाहर निकले श्रमिकों ने बताया कि वे घटना के बाद सदमे में हैं। उनके अनुसार जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वहां बुधवार को मिट्टी खिसकी थी और दोबारा धंसने की आशंका बनी हुई थी। यह टनल दुर्गापुर से सियासैंण तक करीब तीन किलोमीटर लंबी बनाई जा रही है। हादसा टनल के करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में हुआ।
सीएम धामी ने दिए युद्धस्तर पर बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से लगातार अपडेट लिया। मुख्यमंत्री बचाए गए घायल श्रमिकों से भी मुलाकात करेंगे।
टीएचडीसी ने कहा- सभी संसाधन लगाए
टीएचडीसी के प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने हादसे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को रेस्क्यू अभियान में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
टीएचडीसी की मैनेजमेंट टीम प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और टनल में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज किए गए हैं।

