बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बच्चों के संतुलित डिजिटल उपयोग पर विशेष जोर देने और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम सविन बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर नजर रखी जाए और अभिभावकों को भी इस संबंध में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की गेमिंग आदतों को समझना और समय रहते उन्हें नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई एक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक रिहायशी इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने जान दे दी। तीनों नाबालिग थीं और उनकी उम्र 12, 14 और 16 वर्ष बताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप की आदी थीं। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी थी। बताया जा रहा है कि उनके माता-पिता उनकी ऑनलाइन गेमिंग की आदत को लेकर अक्सर चिंता जताते थे।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखें, उनसे संवाद बनाए रखें और उनके मानसिक स्वास्थ्य व डिजिटल गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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