Friday, October 2, 2026
Homeदेहरादूनपार्षद के घर लूट की सुनियोजित साजिश, 20 दिन में जीता भरोसा...

पार्षद के घर लूट की सुनियोजित साजिश, 20 दिन में जीता भरोसा और फिर साथियों संग की वारदात

देहरादून। विजय पार्क में पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की घटना में पुलिस जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को मिले इनपुट से वारदात के पहले से सुनियोजित होने की आशंका गहराई है। घर में करीब 20 दिन से काम कर रहा नौकर भरत परिवार का भरोसा जीतने के बाद लूट की पूरी योजना तैयार कर चुका था।

जांच के अनुसार, भरत ने परिवार के सदस्यों को दिए गए खाने में नशीला पदार्थ मिलाया। इसके बाद परिवार के पूरी तरह बेसुध होने का इंतजार किया और अपने साथियों को घर के अंदर बुलाया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने साथ सब्बल और रॉड जैसे औजार भी लेकर पहुंचे थे। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने पहले से घर की स्थिति और परिवार की दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी।

खाना खाने के बाद बेसुध हुआ परिवार

मंगलवार रात करीब साढ़े नौ से 10 बजे के बीच भरत ने परिवार के सदस्यों को खाना खिलाया। खाना खाने के कुछ देर बाद पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम गहरी नींद में चले गए। परिवार को अब तक यह जानकारी नहीं है कि खाने में कौन सा नशीला पदार्थ मिलाया गया था।

पुलिस के अनुसार, भरत ने परिवार के सदस्यों के पूरी तरह बेसुध होने का इंतजार किया। इसके बाद उसने अपने साथियों को घर के अंदर बुलाया। पुलिस का मानना है कि यदि इस दौरान परिवार के किसी सदस्य ने विरोध किया होता तो वारदात गंभीर रूप ले सकती थी।

लॉकर तोड़कर गहने, नकदी और पिस्टल ले गए

रात करीब 1:20 बजे महिपाल सिंह की नींद खटपट की आवाज से खुली। उन्होंने घर के अंदर भरत के अलावा दो अन्य लोगों को देखा। पूछने पर भरत ने उन्हें सो जाने और खुद काम करने की बात कही। नशीले पदार्थ के असर के कारण महिपाल दोबारा सो गए।

इसके बाद आरोपियों ने घर में रखे सामान को खंगाला और लॉकर तोड़कर गहने व नकदी के साथ लाइसेंसी पिस्टल भी लेकर फरार हो गए।

पांच लोग घर से निकलते दिखे

सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस को वारदात के बाद पांच लोग घर से निकलकर भागते दिखाई दिए हैं। इनमें चार लोग एक दिशा में, जबकि एक दूसरी दिशा में जाता नजर आ रहा है। पुलिस को आशंका है कि यह तलाश को भ्रमित करने की सोची-समझी रणनीति हो सकती है।

फिलहाल पुलिस भरत के संपर्कों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और उसके ऑनलाइन माध्यम से नौकरी पर रखे जाने से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस उसके साथियों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

सीओ अंकित कंडारी ने बताया कि मामले में पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध सभी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments