Saturday, March 7, 2026
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चेक बाउंस के आरोपित को 6 माह की सजा, 8 लाख 20 हजार का अर्थदंड


विकासनगर। जमीन के सौदे में बयाने की रकम वापस नहीं लौटाने के मामले में अंतिम सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकासनगर ने अभियुक्त को छह माह की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एसीजेएम मदनराम की कोर्ट ने अभियुक्त पर 8 लाख 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं चुकाने पर अभियुक्त को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

पछवादून के हरर्बटपुर निवासी राजकुमार शर्मा की मतेंद्र सिंह रावत से पिछले कुछ समय पहले जान-पहचान र्हुइ। इसके बाद राजकुमार शर्मा का मतेंद्र सिंह रावत से जमीन का सौदा तय हुआ। दोनों लोगों के बीच जमीन का सौदा होने से राजकुमार ने उसे 6 लाख 42 हजार रुपये बयाने की रकम दी। लेकिन रकम देने के बाद भूमि विवाद होने से जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाई।

राजकुमार ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने पर मतेंद्र से बयाने की रकम वापस लौटाने को कहा। जिससे मतेंद्र ने उसे 6 लाख 42 हजार का चेक उत्तरांचल ग्रामीण बैंक शाखा हरर्बटपुर का दे दिया। लेकिन बैंक से चेक बांउस होने के बाद राजुकमार ने रकम वापस नहीं लौटाने पर आरोपित मतेंद्र सिंह रावत पुत्र प्रताप सिंह रावत निवासी हरर्बटपुर के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकासनगर की कोर्ट में जुलाई 2013 में परिवाद दर्ज कराया।

करीब पांच साल तक कोर्ट में चले चेक बांउस मामले की अंतिम सुनवाई बीते सोमवार को हुई। एसीजेएम मदनराम की कोर्ट ने परिवादी पक्ष के वकील यशपाल सिंह भंडारी व आरोपित पक्ष के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश आर्य दोनों पक्षों की बहस व दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम मदनराम की कोर्ट ने आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त मतेंद्र सिंह रावत निवासी हरर्बटपुर को दोषी करार देते हुए चेक बांउस मामले में छह माह की सजा सुनाई।
एसीजेएम कोर्ट ने अभियुक्त मतेंद्र रावत पर 8 लाख 20 हजार अर्थदंड लगाया और अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई।

आरोप सिद्ध नहीं होने पर कोर्ट से बरी
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकासनगर मदनराम की कोर्ट ने एक अन्य चेक बांउस मामले में आरोपित को दोषमुक्त होने पर बरी कर दिया। फरवरी 2016 में पूरन रावत पुत्र आनंद सिंह निवासी पश्चिमवाला विकासनगर ने एसीजेएम कोर्ट में आरोपित सैयद आसिफ निवासी जीवनगढ़ के विरुद्ध चेक बांउस का परिवाद दर्ज कराया था।

पूरन रावत ने कहा उसने जीवनगढ़ निवासी आरोपित सैयद को जान-पहचान होने की वजह से 3.35 लाख उधार दिए थे। जिसके बदले सैयद ने उसे पीएनबी शाखा डाकपत्थर का चैक दिया था। लेकिन चेक बांउस हो गया। मामले की सुनवाई के दौरान सैयद के वकील ने कोर्ट को जारी चेक पर ओवर राइटिंग होने की बात साक्ष्य के साथ प्रस्तुत की। मामले की अंतिम सुनवाई के बाद एसीजेएम मदनराम की कोर्ट ने मामले में आरोप सिद्ध नहीं होने पर सैयद आसिफ को दोषमुक्त कर केस से बरी कर दिया।

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