Saturday, March 7, 2026
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लाखों कर्मचारियों की मांग अब सरकार पर अटकी


देहरादून। संवाददाता। न मान मनोवल काम आया न चेतावनी व धमकी। नो वर्क नो पे के आदेशों के बावजूद भी राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से आज अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर तमाम सरकारी विभागों में आज काम काज ठप हो गया।

यूं तो राज्य में अब तक कर्मचारियों द्वारा अनेक बार कार्य बहिष्कार और हड़ताल की जाती रही है। लेकिन यह पहला मर्तबा है कि जब इतनी बड़ी संख्या में राज्य के तमाम विभागों के कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर गये हो। एक मंच पर आये सभी कर्मचारी सगंठनों के कारण अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज यह तीन लाख से अधिक राज्य कर्मचारी काम काज छोड़कर राज्य सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे है।

कर्मचारियों के इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही उत्तराखण्ड अधिकारी, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक दीपक रावत का कहना है कि सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। सत्ता में बैठे लोग एक तरफ नो वर्क नो पे के आदेश जारी किये जा रहे है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ वार्ताओं की औपचारिकता पूरी की जा रही है।

कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के दौरान आज राजधानी में कड़े सुरक्षा प्रबन्ध किये गये है। दून में धारा 144 लागू कर दी गयी है तथा सचिवालय में भारी फोर्स तैनात की गयी है। जो कर्मचारी काम करना चाहते है उन्हे कोई न रोक सके इसकी पुख्ता व्यवस्था की गयी है। सचिवालय में आज कर्मचारी ड्यूटी पर तो पहुंचे है लेकिन हाजिरी लगाने के बाद धरना प्रदर्शन कर रहे है। वहीं परेड ग्रांउड में बड़ी संख्या में जमा कर्मचारी सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने में जुटे हुए है। राज्य कर्मचारियों द्वारा अपने इस सामूहिक अवकाश आन्दोलन से उन चार अनिवार्य सेवाओं को बाहर रखा गया है जो जनता से जुड़े है इनमें स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन और जल निगम है। सरकार द्वारा कर्मचारियों को बार बार यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि हड़ताल नहीं वार्ता से ही समस्या का समाधान संभव है।

छुट्टी पर रोक, हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला तथा नो वर्क नो पे का आदेश इस सबके बीच भी राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के इस आंदोलन ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। सरकार के अनुशासन के डंडे का भी कोई असर इन कर्मचारियों पर नहीं है। राज्य के अन्य हिस्सों से प्राप्त समाचारों के अनुसार हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी हर जगह से मिल रहे समाचारों के अनुसार कर्मचारी अवकाश पर रह कर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे है। चुनाव से पूर्व राज्य के कर्मचारियों के सख्त तेवरों से सरकार पशोपेश में है। वह किसी भी तरह कर्मचारियों की नाराजगी खत्म करना चाहती है।

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