देहरादून। उत्तराखंड को सालभर साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में अल्टीमेट उत्तराखंड एमटीबी चैलेंज को दोबारा आयोजित करने की तैयारी है। सात दिन चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिता में देश-विदेश के 60 से अधिक यूसीआई लाइसेंसधारी साइकिलिस्ट हिस्सा लेंगे।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागी गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के करीब 700 किलोमीटर लंबे दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन की प्रस्तावित तिथि 14 से 20 अक्टूबर रखी गई है।
मुक्तेश्वर से शुरू होगी प्रतियोगिता
उत्तराखंड में इससे पहले वर्ष 2017 में एमटीबी चैलेंज का आयोजन किया गया था। अब पर्यटन विभाग इसे दोबारा शुरू कराने की तैयारी में जुटा है। इसी सिलसिले में सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
प्रस्तावित रूट के अनुसार प्रतियोगिता की शुरुआत नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर से होगी। इसके बाद साइकिलिस्ट बागेश्वर, कर्णप्रयाग, गुप्तकाशी और टिहरी की पहाड़ियों से होते हुए देहरादून जिले की मसूरी पहाड़ियों तक पहुंचेंगे। इस बार सामान्य सड़कों के साथ-साथ विशेष रूप से चयनित ऑफ-रोड ट्रैक भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे।
सुरक्षा और तकनीकी तैयारियों पर जोर
प्रतियोगिता के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड, जीएमवीएन, केएमवीएन और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टीम एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रस्तावित मार्ग की रेकी करेगी।
रेकी के दौरान रूट की प्रत्येक चढ़ाई, मोड़ और ऑफ-रोड ट्रैक की स्थिति का तकनीकी आकलन किया जाएगा, ताकि प्रतियोगिता के दौरान साइकिलिस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पर्यटन कैलेंडर में स्थायी जगह देने की तैयारी
सचिव पर्यटन ने कहा कि एमटीबी चैलेंज को राज्य के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर का स्थायी हिस्सा बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
बैठक में साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मनिंदर पाल सिंह, कोषाध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष विमल चौधरी और ओंकार सिंह सहित जीएमवीएन व केएमवीएन के प्रबंध निदेशक तथा विभिन्न जिलों के जिला पर्यटन विकास अधिकारी मौजूद रहे।

