देहरादून। लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के विफल होने के बाद उत्तराखंड में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में मंगलवार को जोरदार बहस देखने को मिली। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें राष्ट्रवाद से लेकर महिला सशक्तिकरण तक कई मुद्दे उठे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि राज्य और देश की महिलाओं को उनका अधिकार अवश्य मिलेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके।”
राष्ट्रवाद पर तीखी बहस
सदन में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। भाजपा विधायक दिलीप रावत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस का राष्ट्रवाद ऐसा है कि कश्मीर से हमारे पंडितों को पलायन करना पड़ा।” इस पर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने ही पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे।”
चुनाव हार पर सीएम का बयान
पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी हार को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अफवाह फैलाई गई थी कि उनके जीतने पर थारू-बोक्सा जनजाति की जमीन छीनी जाएगी, जिसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि बाद में ये सभी बातें निराधार साबित हुईं।
महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने मातृशक्ति वंदना योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिली है। “लखपति दीदी योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, वहीं उन्हें ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है,” उन्होंने कहा।
चारधाम यात्रा पर जोर
सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को राज्य की “लाइफलाइन” बताते हुए कहा कि इसे बढ़ावा देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यात्रा की शुरुआत शानदार रही है, हालांकि कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत संदेश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने कभी गरीब बेटियों के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को धुएं से राहत मिली है और राज्य में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने महिला आरक्षण मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष ने सिर्फ इसलिए विरोध किया क्योंकि इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को मिल सकता था। “देश की आधी आबादी के साथ धोखा हुआ है,” उन्होंने कहा।
महिला सशक्तिकरण के आंकड़े
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना वृद्धि हुई है और हालिया बजट में बेटियों के लिए पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थागत प्रसव दर 61% से बढ़कर 97% हो गई है और सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 8.2% ब्याज दर के साथ टैक्स फ्री लाभ दिया जा रहा है।
सत्र के दौरान हंगामे और तीखी बयानबाजी के बीच महिला आरक्षण का मुद्दा केंद्र में रहा, जिससे साफ है कि आने वाले समय में यह विषय राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख बना रहेगा।

