Saturday, April 25, 2026
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गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के विरोध में फूटा यूकेडी का गुस्सा, दहन किया पुतला

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने का समर्थन करने वाले सभी राजनैतिक दलों के नेताओं, विधायकों के विरोध में पुतला दहन किया। दल के नेताओं का कहना था कि गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी से कम कुछ नहीं स्वीकार होगा।

द्रोण चैक में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में प्रचारित करने और आगामी सत्र में इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में मान्यता देने के प्रयासों के भरपूर विरोध का निर्णय लिया है। जिलाध्यक्ष विजय बौड़ाई ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गैरसैंण को आंदोलन के शुरुआत से ही पूर्णकालिक राजधानी की नजरों से देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शहीदों का भी यही सपना था कि गैरसैण ही पहाड़ी राज्य की राजधानी होगी। मगर कांग्रेस और भाजपा ने इस सपने को फलीभूत नहीं होने दिया। अब भाजपा ग्रीष्मकालीन राजधानी का शिगूफा छोड़ रही है और उसके मंत्री, विधायक जनभावनाओं की अनदेखी कर हां में हां मिला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उक्रांद का स्पष्ट मत है कि उत्तराखंड जैसा संसाधनविहीन राज्य दो दो राजधानी का बोझ नहीं उठा सकती है। गैरसैंण राजधानी बने और सरकार इसी बजट सत्र में राजधानी घोषित करे। कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक, एपी जुयाल ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि गैरसैंण को राजधानी बनाने के बारे में उसके पास कोई ब्लू प्रिंट ही नहीं है।

लिहाजा उसने सरकार के कार्यकाल के सिर्फ दो साल बाकी देख ग्रीष्मकालीन राजधानी का दांव चला है। प्रदर्शन करने वालों में लताफत हुसैन, प्रताप कुंवर, महासचिव डीके पाल, रेखा मियां, प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, उत्तम सिंह रावत, धर्मेन्द्र कठैत, भगवती प्रसाद डबराल, विपिन रावत, आदि मौजूद थे।

बजट सत्र में गैरसैंण को घोषित करें स्थायी राजधानी

उत्तराखंड क्रांति दल ने राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण को शीघ्र घोषित करने की मांग को लेकर ऋषिकेश उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा।

कहा कि उत्तराखंड को राज्य बने हुए 20 साल होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक राज्य की स्थायी राजधानी नहीं बन पाई है। उत्तराखंड एक पर्वतीय भू-भाग वाला राज्य है। जिसकी राजधानी पहाड़ में होनी चाहिए। जिससे पहाड़ों से होने वाला पलायन रुक सके। उन्होंने पुरजोर आग्रह किया कि तीन मार्च को गैरसैंण में होने वाले बजट सत्र में गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित करें।

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। इस मौके पर आनंद सिंह तड़ियाल, वीसी रावत, एमएस शाही, युद्धवीर सिंह चैहान, सत्य प्रसाद भट्ट, सरोजनी नेगी, सुमित्रा बिष्ट, यमुनोत्री रावत, केडी जोशी, हीरा बोरा आदि उपस्थित रहे।

बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाए सरकार

डोईवाला में उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। पार्टी ने महंगाई पर अंकुश लगाने, किसानों का बकाया गन्ना भुगतान, बेरोजगारी के मुद्दे पर आवाज उठाई।

उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकारी जिलाध्यक्ष केंद्रपाल सिंह तोपवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षु आईएएस तहसीलदार अपूर्वा पांडेय के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन भेजने वालों में दल के प्रमोद डोभाल, सीपी जोशी, ऋषि राम चमोली, दिनेश डोभाल, दामोदर जोशी, अमर उनियाल, खेम सिंह सैनी, मोहम्मद रमजानी आदि मौजूद थे।

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