देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए इस बार स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल करते हुए व्यापक हेल्थ अलर्ट अभियान शुरू किया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान होने वाली दिक्कतों को पहले ही कम करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
इस पहल के तहत अंतरराज्यीय समन्वय को भी मजबूत किया जा रहा है। सहायक निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने राजस्थान का दौरा कर वहां के प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान चारधाम यात्रा से जुड़े स्वास्थ्य सुझाव और दिशा-निर्देश साझा किए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए इन गाइडलाइंस का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। खासतौर पर राजस्थान से आने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले ही जरूरी स्वास्थ्य जानकारी और सावधानियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर निकलें।
ग्राम स्तर तक पहुंचेगी हेल्थ एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है कि यह अभियान केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्राम स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंच सके।
यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच जरूरी
स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिन राज्यों से बड़ी संख्या में यात्री आते हैं, वहां विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य चारधाम यात्रा को न केवल आस्था का पर्व बनाना है, बल्कि इसे सुरक्षित और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी बेहतर बनाना है।

