Friday, October 30, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डदिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों को मिलेगी 5001 रुपये की प्रोत्साहन राशि, राज्यपाल ने...

दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों को मिलेगी 5001 रुपये की प्रोत्साहन राशि, राज्यपाल ने सचिव को दिए निर्देश

देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि सैनिक बाहुल्य राज्य उत्तराखंड में सैनिक और उनके आश्रितों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राज्यपाल ने राज्य के समस्त दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों को राजभवन की ओर से प्रति सैनिक 5001 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने राजभवन में उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सैनिक पुनर्वास संस्था को राज्य मे एक प्रभावी विजन, मिशन और सोच के साथ कार्य करना होगा। संस्था को स्व-उत्तरदायित्व के अगले स्तर पर पहुंचना होगा। इस दौरान राज्‍यपाल ने प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल फैनई और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के लाभार्थियों जिनमें पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैनिक आश्रित और दिव्यांग सैनिक सम्मिलित हैं उनके पर्याप्त आंकड़े डिजिटल रूप से उपलब्ध करवाए जाए।

राज्यपाल ने कहा कि सैनिक पुनर्वास संस्था की एआइ इनेबल्ड एंड्राइड मोबाइल बेस्ड पोर्टल और वेबसाइट विकसित की जाए जिससे पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों का संपर्क सरलता से संस्था से हो सके। उन्होंने कहा कि वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्र‍ितों समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके साथ ही राज्यपाल ने वीरांगनाओं के कल्याण और पुनर्वास पर विशेष जोर देने की बात कही। राज्यपाल ने राज्य के समस्त दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों को राजभवन की ओर से प्रति सैनिक 5001 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने हेतु सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा को निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था का पूरी तरह आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए।

जिलों में सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने के करें प्रयास

राज्‍यपाल ने संस्था को निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक जनपद में सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने के प्रयास किए जाए। इसके लिए तात्कालिक रूप से विद्यालयों के खेल मैदानों का प्रयोग किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि सैनिक पुनर्वास संस्था को प्रयास करने होंगे कि राज्य के बहुसंख्यक भूतपूर्व सैनिकों की राज्य में जैविक खेती, नेचुरल फार्मिंग, फारेस्टेशन, सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स पलायन मे किस प्रकार गेमचेंजर की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की बेटियों की एनडीए, सैनिक सेवाओं तथा अन्य प्रतिष्ठित केंद्रीय व राज्य सरकार की सेवाओं में किस प्रकार भागीदारी बढ़े इसके लिए सैनिक पुनर्वास संस्था को भी प्रयास करने होंगे।

हिम प्रहरी योजना में योगदान पर विचार करे संस्‍था

राज्यपाल ने सैनिकों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा सैनिक पुनर्वास संस्था द्वारा संचालित योजनाओं के समन्वय की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरंभ की जा रही हिम प्रहरी योजना में सैनिक पुनर्वास संस्था क्या योगदान दे सकती है इस पर विचार किया जाए।

राज्‍यपाल जल्‍द करेंगे कृषि भूमियों का निरीक्षण

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) जल्‍द ही उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था की कृषि भूमियों का निरीक्षण करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि संस्था की 1423 एकड़ भूमि का अधिकतम सदुपयोग किया जाना चाहिए। इन पर एरोमेटिक, मेडिसिनल हर्बस तथा आर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने इस पर एक ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस मौके पर प्रमुख सचिव एल फैनई , राज्यपाल के सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव स्वाति एस भदौरिया, वित्त नियंत्रक राजभवन डा. तृप्ति श्रीवास्तव, उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -


video
play-sharp-fill

video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments