देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी और 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आज से सभी नवनियुक्त कार्मिक सरकार का अभिन्न हिस्सा बनकर जनसेवा की महत्वपूर्ण यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कार्मिकों से अपने ज्ञान, ऊर्जा और नए विचारों के माध्यम से शासकीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की।
नकल विरोधी कानून से पारदर्शी हुई भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। अब सरकारी नौकरियां सिफारिश या पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार परमिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। यह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर देने की सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका और मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालकों को अनुदान पर गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां उपलब्ध कराने के साथ कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
गन्ना किसानों के हित में कई कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति भी प्रतिबद्ध है। गन्ना सर्वेक्षण व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों, नई तकनीक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में पांच रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है।
जनसेवा की भावना से काम करें कार्मिक
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसानों और पशुपालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने और संवेदनशीलता के साथ समाधान करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिक को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कार्मिकों से शासकीय कार्यप्रणाली में ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सविता कपूर और दुर्गेश्वर लाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सचिव एस.एन. पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

