देहरादून। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर के साथ उत्तराखंड में भी बैंक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। देहरादून में करीब चार हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों ने एश्ले हॉल चौक पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, लंबित मांगों का समाधान, पेंशन अपडेशन और पुरानी पेंशन बहाल करना शामिल हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) को समाप्त करने और इसमें कर्मचारियों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं करने की मांग उठाई।
कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से उन्हें बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकेगा। वहीं, लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मांगों पर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की गई। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
देहरादून में प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष इंदर सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारी फिलहाल एक दिन की हड़ताल पर हैं। यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो इसी महीने के अंत में तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
कोटद्वार में भी बैंक बंद रहे। कर्मचारियों ने पंजाब नेशनल बैंक की बद्रीनाथ मार्ग स्थित शाखा के समीप प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल और इसके बाद अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है।
नैनीताल में करीब डेढ़ दर्जन बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मचारी मल्लीताल स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के समीप एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। उत्तरांचल बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रवीण साह ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगें पांच दिवसीय बैंकिंग और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से जुड़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि एक दिन की हड़ताल से नैनीताल में करीब सवा सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होगा।
रुद्रपुर में भी बैंककर्मियों ने जुलूस निकाला। यूएफबीयू के आह्वान पर विभिन्न बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी पीएनबी की मुख्य शाखा के सामने एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इसके बाद शहर के प्रमुख स्थानों और बैंक शाखाओं के सामने जुलूस निकालकर नारेबाजी की गई। कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, 11वें और 12वें द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने, पेंशन अपडेशन, पुरानी पेंशन बहाली और लंबित मांगों के समाधान की मांग की।
बैंक कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिवसीय हड़ताल के बाद आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।

