देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में Council on Energy, Environment and Water (CEEW) द्वारा तैयार ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पहले प्राप्त कर लिया है और लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि हुई है तथा प्रदेश में करीब 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL), ऊरेडा और संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सौर कौथिग, जन-जागरूकता अभियानों, नुक्कड़ नाटकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सहभागी बनाना है।
इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, Council on Energy, Environment and Water (CEEW) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक जी. एस. बुदियाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

