देहरादून। राष्ट्रगीत वंदेमातरम के गायन को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के फैसले की कड़ी आलोचना की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के निर्णय को 1947 की देश विभाजन वाली सोच से प्रेरित बताते हुए इसे देशविरोधी और संविधान विरोधी करार दिया।
महेंद्र भट्ट ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय और गोवा में आयोजित कार्यक्रमों में वंदेमातरम का पूर्ण गायन नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने केवल दो छंद गाने को आधिकारिक पार्टी नीति बनाया है। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय गीत और भारत माता का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस सरकारी कार्यक्रमों में वंदेमातरम गाने के लिए तैयार है, लेकिन अपने कार्यालयों में राष्ट्रगीत का पूरा गायन नहीं करना चाहती। उन्होंने कांग्रेस के 1937 के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की सोच के चलते राष्ट्रगीत के अधूरे स्वरूप को स्वीकार किया गया, जिसने आगे चलकर देश विभाजन की स्थिति को जन्म दिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधानों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण गायन से बचना या उसमें बाधा डालना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि एक वर्ग विशेष के वोटों के लिए कांग्रेस देश विभाजन की हद तक जाने वाली सोच अपना रही है। उन्होंने कांग्रेस के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रविरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा जनसहयोग के माध्यम से ऐसी सोच को सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भले ही वंदेमातरम नहीं गाने को लेकर बड़े दावे करे, लेकिन देशवासी राष्ट्रहित में वंदेमातरम गाते हुए अपना बलिदान देते आए हैं और आगे भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे।

