देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के साथ ही अन्य पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष जागेश्वर और त्रियुगीनारायण धाम में पिछले साल की तुलना में ढाई गुना तक अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं धारी देवी और पूर्णागिरि धाम में भी दर्शन करने वालों की संख्या में करीब डेढ़ गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यमुनोत्री धाम ने तो श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के बीच धार्मिक स्थलों पर बढ़ता श्रद्धालुओं का दबाव सरकार की कोशिशों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है। चारधाम के साथ प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने और मानसखंड मंदिरमाला मिशन के तहत पौराणिक मंदिरों के विकास, सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
जागेश्वर में ढाई गुना बढ़े श्रद्धालु
चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं जनवरी से जून तक जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 67,875 थी। यानी इस साल जागेश्वर में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब ढाई गुना बढ़ोतरी हुई है।
पूर्णागिरि धाम में जून तक 20,91,788 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 14,35,290 था। धारी देवी मंदिर में इस वर्ष 5,42,626 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 2025 में यह संख्या 2,83,275 थी।
त्रियुगीनारायण धाम में भी आस्था का नया रिकॉर्ड बन रहा है। इस वर्ष अब तक 3.40 लाख से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.36 लाख था।
यमुनोत्री में टूटा पुराना रिकॉर्ड
उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम की कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। दो अगस्त तक 6.55 लाख तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम में दर्शन कर चुके हैं, जो धाम के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
इससे पहले वर्ष 2025 में 6.44 लाख, 2024 में 5.15 लाख, 2023 में 5.61 लाख और 2022 में 6.21 लाख श्रद्धालु यमुनोत्री पहुंचे थे।
आदि कैलाश में भी बढ़ा क्रेज
पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। महज दो माह में 52,441 श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंच चुके हैं। हालांकि मानसून को देखते हुए एक जुलाई से यात्रा पर रोक लगी हुई है।
वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। वर्ष 2022 से पहले यहां प्रतिवर्ष पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या दो हजार से भी कम थी, लेकिन 2023 के बाद इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
कैंची धाम में भी रिकॉर्ड भीड़
नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। जनवरी से जून तक यहां 24.34 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग के कार्तिक स्वामी मंदिर और टिहरी जिले के सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।
ऋषिकेश से सटे टिहरी जिले के मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। जनवरी से जून तक यहां 15,97,439 पर्यटक पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 13,62,600 थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों का विकास किया जा रहा है और तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।

