गोपेश्वर। भगवान शिव के जयघोष और भक्तों की श्रद्धा के बीच चतुर्थ केदार रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली रविवार को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर से मध्य हिमालय क्षेत्र के लिए रवाना हो गई। डोली के प्रस्थान के दौरान पूरा क्षेत्र “बम-बम भोले” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए।
डोली रविवार शाम रात्रि प्रवास के लिए पनार बुग्याल पहुंची। सोमवार को भगवान रुद्रनाथ की डोली मंदिर पहुंचेगी, जहां विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत रविवार तड़के गोपीनाथ मंदिर में भगवान गोपीनाथ और रुद्रनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान रुद्रनाथ की देव डोली को आकर्षक फूलों से सजाया गया।
इस वर्ष रुद्रनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना का दायित्व पुजारी हरीश भट्ट निभा रहे हैं। कपाट खुलने को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

