लालकुआं। मणिपुर के उखरूल जिले में उग्रवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के वारंट अधिकारी Balwant Singh Khetwal के शहीद होने की खबर से उनके मोटाहल्दू स्थित आवास और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शहादत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहीद बलवंत सिंह खेतवाल मूल रूप से Bageshwar जिले के टूपेड वन डूंगरा गांव के निवासी थे। उनके पिता का नाम Gopal Singh Khetwal है।
वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए बलवंत सिंह वर्तमान में 40वीं बटालियन में वारंट अधिकारी के पद पर तैनात थे। छह भाइयों में पांचवें नंबर के बलवंत सिंह ने करीब दस वर्ष पूर्व मोटाहल्दू के बकुलिया गांव स्थित अंबिका विहार, लाइन नंबर छह में अपना आवास बनाया था और परिवार के साथ वहीं रह रहे थे।
शहीद अपने पीछे पत्नी Sangeeta Khetwal, दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी पुत्री का विवाह हो चुका है, जबकि दूसरी पुत्री देहरादून में पढ़ाई कर रही है। उनका पुत्र कक्षा 10 का छात्र है।
परिजनों के अनुसार, शहीद का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह मोटाहल्दू पहुंचने की संभावना है। इसके बाद उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। वीर सपूत के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए क्षेत्रवासियों में गहरा भावनात्मक माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों के अंतिम यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है।
देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए बलवंत सिंह खेतवाल की शहादत को क्षेत्रवासी और प्रदेश कभी नहीं भूल पाएंगे।

