रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारू चल रही है, लेकिन यात्रा मार्गों पर कई जगह भूस्खलन और मलबा आने से खतरा बना हुआ है। नदी-नाले भी उफान पर हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
मद्महेश्वर पैदल मार्ग मलबा आने से बंद
रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार ऊखीमठ और जखोली तहसील क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई, जबकि रुद्रप्रयाग तहसील में बारिश नहीं हुई।
सुबह 8:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊखीमठ में 18 मिमी और जखोली में 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रुद्रप्रयाग में वर्षा शून्य रही।
नदियों के जलस्तर की बात करें तो सुबह आठ बजे सभी नदियां चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं। अलकनंदा नदी का जलस्तर 625.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर है। मंदाकिनी का जलस्तर 624.28 मीटर रहा, जिसका चेतावनी स्तर 625 मीटर है। गंगानगर में नदी का जलस्तर 800 मीटर और गौरीकुंड में 1973.95 मीटर दर्ज किया गया।
कई सड़क मार्ग प्रभावित
बारिश और भूस्खलन का असर जिले के सड़क मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल सुचारू हैं, लेकिन राज्य मार्ग संख्या-37 मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग प्रभावित है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के आठ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीन और एनपीसीसी का एक मार्ग अवरुद्ध बताया गया है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर गौंडार और ट्रॉली के बीच भारी मलबा और बोल्डर आने से मार्ग बंद हो गया है। मार्ग को खोलने के लिए स्थानीय श्रमिकों को मौके पर लगाया गया है।
गोपेश्वर-चोपता-केदारनाथ हाईवे भी बंद
उधर, गोपेश्वर में रात से जारी बारिश गुरुवार सुबह थम गई। बदरीनाथ हाईवे फिलहाल सुचारू है, लेकिन गोपेश्वर-चोपता-केदारनाथ हाईवे मंडल क्षेत्र में बीती शाम से बंद है। यहां नाले में मलबा आने के कारण हाईवे बाधित हुआ है।
लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

