देहरादून: देहरादून जिले में इस बार डेंगू ने समय से पहले दस्तक दे दी है। मार्च से अब तक करीब 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की ओर से सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को डेंगू और मलेरिया को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने, सभी बेड पर मच्छरदानी लगाने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, सभी पॉजिटिव मामलों को आईडीएसपी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके। आमतौर पर डेंगू के मामले जुलाई के बाद सामने आते हैं, लेकिन इस बार मार्च-अप्रैल में ही केस मिलने से विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
एलाइजा टेस्ट को ही माना जाएगा मानक
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल एलाइजा जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को ही डेंगू संक्रमित माना जाएगा। कई बार कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आने के बावजूद एलाइजा जांच में रिपोर्ट नेगेटिव आ जाती है, इसलिए एलाइजा को ही सबसे प्रामाणिक माना गया है।
पिछले वर्षों का आंकड़ा
पिछले सात वर्षों में देहरादून में डेंगू के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2019 में 499 मामले और 106 मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि 2023 में 1201 मामले और 13 मौतें सामने आईं। 2024 में 370 मामले दर्ज हुए, जबकि 2025 में अब तक 500 मामले सामने आए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए सभी अस्पतालों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

