उत्तरकाशी/चमोली। उत्तराखंड में बारिश के बीच भूस्खलन और चट्टानी मलबा यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। यमुनोत्री हाईवे पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री फंस गए। सिलाई बैंड के पास मार्ग खुलने के बाद यात्रियों को राहत मिली और वे अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। हालांकि पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक हाईवे पर हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
स्याना चट्टी, सिलाई बैंड और हनुमान चट्टी के पास रुक-रुककर चट्टानी मलबा और पत्थर गिरने से सड़क खोलने में लगातार दिक्कत आ रही है। निर्माण एजेंसी युद्धस्तर पर मार्ग बहाली में जुटी है। मशीन ऑपरेटर जोखिम उठाकर मलबा हटाने का काम कर रहे हैं।
उधर जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास एक सप्ताह बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। यहां श्रद्धालु अब भी जोखिम के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं। वहीं स्याना चट्टी से आगे बदहाल हाईवे पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
देवाल में तीन सड़कें बंद, 12 हजार की आबादी प्रभावित
चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई सड़कें बंद हो गई हैं। गमलीगाड़ में मलबा आने से देवाल-लोहाजंग स्टेट हाईवे बंद हो गया। इससे करीब 12 हजार की आबादी का संपर्क प्रभावित हुआ है। मलबे में एक कार भी फंस गई।
इसके अलावा देवाल-खेता मानमती मार्ग सुयालकोट के पास बंद होने से करीब 12 गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं हाटकल्याड़ी-सवाड़ पीएमजीएसवाई सड़क भी जैनबिष्ट के पास मलबा आने से बाधित है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि सभी बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। मौसम अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

