उत्तरकाशी : द्रौपदी का डांडा (डीकेडी) में एवलांच की चपेट में आकर लापता हुए दो प्रशिक्षुओं की तलाश में सोमवार को अभियान शुरू कर दिया गया है। वहीं बेस कैंप के लिए सोमवार की सुबह वायुसेना के दो चीता हेलीकॉप्टर हर्षिल हेलीपैड से डोकरानी बामक बेस कैंप के लिये रवाना हुए।
सोमवार को वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए द्रौपदी डांडा के बेस कैंप से पांच शव मातली हेलीपैड पहुंचाए गए। वर्तमान समय मे हर्षिल क्षेत्र में बादल लगे हैं। लापता प्रशिक्षुओं की तलाश में मैनुअली खोज बचाव टीम ने अभियान शुरू कर दिया है। अब तक 27 शव बरामद किए जा चुके हैं।
रविवार को 10 शव पहुंचाए गए उत्तरकाशी
द्रौपदी का डांडा (डीकेडी) बेस कैंप से रविवार सुबह दस प्रशिक्षु पर्वतारोहियों के शव उत्तरकाशी पहुंचाए गए। जहां मृतकों के स्वजन और निम के अधिकारियों ने उनकी शिनाख्त की। मृतकों में आगरा में तैनात पैरा कमांडो यूनिट के लांसनायक शुभम सिंह का पार्थिव शरीर भी थी, जिसे सैन्य सम्मान के साथ सेना को सौंपा गया।
रविवार दोपहर द्रौपदी का डांडा क्षेत्र में हिमपात शुरू हो गया, जिसके चलते वायु सेना को हेली रेस्क्यू रोकना पड़ा। हालांकि खोज-बचाव अभियान बर्फबारी के बीच चलता रहा। अभी कैंप वन और एडवांस बेस कैंप में छह प्रशिक्षुओं के शव हैं। दो प्रशिक्षु अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए खोज बचाव अभियान जारी है।