गोपेश्वर। चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए हादसे के बाद खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक आठ श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो श्रमिक अभी भी लापता हैं। वहीं, 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
बृहस्पतिवार को टीएचडीसी की टेल रेस टनल में पानी और मलबा आने से हादसा हुआ था। इसके बाद से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार सर्च अभियान में जुटी हैं। शनिवार को अभियान के दौरान एक और श्रमिक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ के रूप में हुई है।
पानी और मलबे के कारण सर्च अभियान में दिक्कत
टनल के भीतर पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। इसके बावजूद अंदर पानी और मलबा भरा होने के साथ ही मशीनें व अन्य निर्माण सामग्री पड़ी होने के कारण राहत एवं बचाव टीमों को अभियान चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। टीमें मलबे वाले स्थान तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन अभी तक लापता दोनों श्रमिकों का पता नहीं चल पाया है।
टीएचडीसी कार्यालय के बाहर यूकेडी का प्रदर्शन
टनल हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने सोमवार को टीएचडीसी के पीपलकोटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा कर्मियों से तीखी बहस भी हुई, हालांकि प्रदर्शनकारी कार्यालय के अंदर नहीं जा सके।
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हादसा कंपनी की लापरवाही के कारण हुआ है और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि टीएचडीसी के अधिकारी कार्यालय के गेट पर आकर उनसे वार्ता करें और मुआवजे को लेकर स्पष्ट आश्वासन दें।

