ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव से प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर में असुरक्षित घोषित किए गए 21 सरकारी भवनों को जल्द ध्वस्त किया जाएगा। जर्जर और रहने योग्य नहीं होने के कारण प्रशासन ने इन भवनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित भवनों में तहसील परिसर के भवनों के साथ सरकारी अस्पताल की पुरानी इमारत भी शामिल है।
उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि ज्योतिर्मठ में कई सरकारी भवन वर्ष 1990 के दशक में आए भूकंप के कारण पहले ही क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद जनवरी 2023 में भू-धंसाव की स्थिति गंभीर होने पर सीबीआरआई समेत विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं की टीमों ने इन भवनों का निरीक्षण किया था। जांच के बाद कुल 21 सरकारी भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया।
उन्होंने बताया कि इन भवनों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जल्द ही भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। ध्वस्तीकरण के बाद आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर नए सरकारी भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
55 से अधिक निजी भवन पहले ही ध्वस्त
प्रशासन की ओर से इससे पहले नगर क्षेत्र में 55 से अधिक असुरक्षित निजी भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। प्रभावित भवन स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया गया है। वहीं, दूसरे चरण में चिह्नित किए गए भवनों के स्वामियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी जारी है।

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